नई दिल्ली: इजरायल और लेबनान के बीच तनाव कम करने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत जारी है. दोनों देशों के बीच एक ऐसे प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है, जिसके तहत दक्षिणी लेबनान के कुछ इलाकों का नियंत्रण इजरायली सेना से लेबनानी सेना को सौंपा जा सकता है. हालांकि, इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगा.
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका के समर्थन से तैयार किए गए इस प्रस्ताव को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चर्चा चल रही है. लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कहा है कि इस योजना पर बातचीत आगे बढ़ रही है और अब इजरायल की अंतिम मंजूरी का इंतजार है.
इस प्रस्ताव का उद्देश्य सीमा क्षेत्र में स्थिरता लाना और दोनों देशों के बीच तनाव को कम करना है. हालांकि, अभी तक किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है.
नए युद्धविराम की कोशिशों के बीच दक्षिणी लेबनान में हिंसा पूरी तरह नहीं थमी है. बुधवार को एक कार पर हुए ड्रोन हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई. इजरायली सेना का कहना है कि उसने एक संदिग्ध वाहन को निशाना बनाया था, जो उसके नियंत्रण वाले क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था. इस घटना के बाद एक बार फिर क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और शांति प्रयासों पर सवाल खड़े हो गए हैं.
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने स्पष्ट कहा है कि अमेरिकी दबाव या किसी कूटनीतिक पहल के बावजूद इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से पीछे नहीं हटेगी. उनका कहना है कि उत्तरी इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है. काट्ज ने यह भी कहा कि अतीत में सीमा क्षेत्रों में सैनिकों पर कई हमले हुए थे, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जाएगी.
हाल ही में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, रक्षा मंत्री और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई बैठक में भी यही फैसला लिया गया कि लेबनान सीमा पर सैन्य सतर्कता जारी रहेगी. इजरायल का कहना है कि जब तक खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक उसकी सेना क्षेत्र में सक्रिय बनी रहेगी. First Updated : Thursday, 25 June 2026