नई दिल्ली: गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध के बीच मंगलवार देर रात फिर से भारी हवाई हमले हुए. इजरायली सेना ने गाजा शहर में दो जगहों पर बमबारी की, जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 12 लोग घायल हो गए. यह हमला ईद-उल-अजहा (बकरीद) से ठीक पहले हुआ, जब लोग त्योहार की तैयारी में व्यस्त थे.
इजरायल का कहना है कि इस सटीक हमले में उसने हमास की सैन्य शाखा के नए कमांडर मोहम्मद ओदेह को लक्ष्य बनाया. ओदेह को 7 अक्टूबर 2023 के हमले का मुख्य रणनीतिकार माना जाता है. इजरायली खुफिया एजेंसियों ने लंबे समय से उसे ढूंढ रही थी.
इस हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने संयुक्त बयान जारी किया. बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के सीधे आदेश पर आईडीएफ और सुरक्षा एजेंसियों ने हमास के नए मिलिट्री चीफ मोहम्मद ओदेह के ठिकाने को नष्ट कर दिया.
नेतन्याहू और काट्ज ने ओदेह को खतरनाक आतंकी बताया. उन्होंने कहा कि ओदेह ने 7 अक्टूबर के हमले के दौरान हमास की खुफिया शाखा की कमान संभाली थी. इजरायल का दावा है कि वह कई इजरायली नागरिकों और सैनिकों की हत्या, अपहरण और घायल करने के लिए जिम्मेदार था. दोनों नेताओं ने चेतावनी दी कि 7 अक्टूबर के नरसंहार में शामिल हर व्यक्ति को इजरायल ढूंढकर उसके अंजाम तक पहुंचाएगा.
यह हमला हमास के पिछले सैन्य प्रमुख इज्ज अल-दीन अल-हदाद को मार गिराए जाने के महज दो हफ्ते बाद हुआ है. अल-हदाद की मौत के बाद हमास ने एक हफ्ते पहले ही मोहम्मद ओदेह को नई जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन इजरायली खुफिया तंत्र ने उसे काम संभालने का समय नहीं दिया.
फिलहाल हमास की तरफ से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मोहम्मद ओदेह इस हमले में मारा गया या नहीं. गाजा के शिफा अस्पताल के अधिकारियों ने पुष्टि की कि हमले में मारे गए तीन शव अस्पताल पहुंचाए गए हैं.
7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला किया था. इस हमले में करीब 1,200 इजरायली मारे गए और 250 लोगों को बंधक बनाया गया. इसके जवाब में इजरायल ने गाजा में बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया. गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक इजरायली कार्रवाई में 72,700 से ज्यादा फिलिस्तीनी नागरिकों की जान जा चुकी है. गाजा का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया है.
यह हमला ईद के मौके पर हुआ है, जिससे गाजा में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया है. दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप जारी है और युद्ध थमने के कोई संकेत अभी नहीं दिख रहे हैं. First Updated : Wednesday, 27 May 2026