नई दिल्ली: अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD वेंस ने ईरान के शांति वार्ता से इनकार को खारिज कर दिया है। उन्होंने तेहरान के रुख को "फ़ारसी बातचीत की चाल" बताया और कहा कि बातचीत का नतीजा कुछ भी हो, अमेरिका मजबूत स्थिति में रहेगा।
'द माइकल नोल्स शो' में वेंस ने कहा कि तेहरान के बार-बार इनकार के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर पर बातचीत जारी है। ये चर्चा पहले हुई बातचीत को ही आगे बढ़ा रही है।
वेंस ने साफ किया, "तयशुदा बातचीत थी, असल में तकनीकी बातचीत, जो हमारी पिछली बातचीत पर आधारित है। वे निश्चित रूप से कल हो रही हैं।"
वेंस ने ईरान के सार्वजनिक बयानों पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि ईरानी अधिकारी एक तरफ शांति वार्ता से इनकार करते हैं, वहीं दूसरी तरफ शांति समझौते से जुड़ी तकनीकी बातचीत को स्वीकार भी करते हैं।
उन्होंने आगे कहा, "वे कहेंगे, 'नहीं, कोई शांति वार्ता नहीं चल रही है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर तकनीकी बातचीत हो रही है।' यह बातचीत की एक फ़ारसी चाल और फ़ारसी बयानबाजी का तरीका है जिसे मैं समझ नहीं पाता।"
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि अमेरिका ईरान के बयानों से ज्यादा उसके कामों पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने माना कि वॉशिंगटन ने तेहरान की ओर से उत्साहजनक और चिंताजनक दोनों तरह की गतिविधियां देखी हैं।
वेंस के मुताबिक किसी भी बाध्यकारी समझौते के लिए ईरानी नेतृत्व को "वास्तविक रियायतें" देनी होंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अधिकारियों को बातचीत जारी रखने के साथ-साथ कूटनीति फेल होने पर दूसरे विकल्प तैयार रखने को कहा है।
व्हाइट हाउस के दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर दोहा गए थे। ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने कतर की राजधानी में बैठक का अनुरोध किया है। ईरान ने दोहा में अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकार किया। तेहरान का कहना है कि बातचीत कतर की मध्यस्थता से MoU की शर्तों को लागू करने पर होगी। वेंस ने दोहराया कि अमेरिका को रणनीतिक बढ़त हासिल है और वह अपनी मजबूत स्थिति को लेकर आश्वस्त है। First Updated : Wednesday, 01 July 2026