इजराइल की चाल पर भारी पड़ा खामेनेई का दिमाग, बंकर में जाकर बचाई जान

इजराइल के रक्षा मंत्री कैट्ज ने खुलासा किया कि युद्ध के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का प्रयास किया गया था, लेकिन उनकी सतर्कता और मजबूत सुरक्षा के कारण यह विफल रहा. खामेनेई तुरंत भूमिगत हो गए और नए अधिकारियों से संपर्क भी तोड़ लिया.

calender

ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है. इजराइली रक्षा मंत्री योआव कैट्ज़ ने खुद स्वीकार किया है कि हालिया संघर्ष के दौरान इजराइल की सबसे बड़ी रणनीतिक कोशिश ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या करना थी. लेकिन खामेनेई की सतर्कता, रणनीतिक सोच और मजबूत सुरक्षा कवच के चलते इजराइल का यह मिशन असफल हो गया.

इजराइल के चैनल-12 को दिए इंटरव्यू में रक्षा मंत्री कैट्ज़ ने बताया कि “हमारी योजना युद्ध के पहले ही दिन खामेनेई को मारकर ईरान को अंदर से तोड़ने की थी. लेकिन खामेनेई शातिर निकले. जैसे ही हमले शुरू हुए, वह तुरंत अंडरग्राउंड हो गए और लोकेशन बदल ली.” कैट्ज़ ने यह भी कहा कि अमेरिका ने जरूर यह संदेश दिया था कि वे खामेनेई की हत्या नहीं चाहते, लेकिन इजराइल को किसी की अनुमति की जरूरत नहीं थी.

नए सैन्य अधिकारियों से तोड़ लिया संपर्क

इजराइली खुफिया एजेंसियां खामेनेई की लोकेशन ट्रैक करने के लिए ईरानी सैन्य अधिकारियों पर निर्भर थीं. कैट्ज़ के मुताबिक, “हमने जब ईरान के टॉप जनरलों को मार गिराया, तो उम्मीद थी कि उनके स्थान पर जो नए अधिकारी आएंगे, उनके जरिए खामेनेई की मूवमेंट का पता चल सकेगा. लेकिन खामेनेई ने नए अधिकारियों से कोई सीधा संपर्क ही नहीं किया.” इसी रणनीतिक चुप्पी और सीमित संपर्क की वजह से इजराइली एजेंसियों को उनके ठिकाने का कोई सुराग नहीं मिला.

वली-ए-अम्र के सुरक्षा घेरे में छिपे खामेनेई

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, 13 जून को इजराइल के हमले शुरू होते ही खामेनेई तेहरान के पास स्थित एक बंकर में चले गए. उन्होंने अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी विशेष बल वली-ए-अम्र को सौंप दी, जो ईरान का सबसे शक्तिशाली सुरक्षा बल माना जाता है.

करीब 12 हजार जवानों वाली यह फोर्स सिर्फ सुप्रीम लीडर की रक्षा के लिए बनाई गई है. बंकर में रहते हुए खामेनेई ने न केवल बाहरी संपर्क सीमित किया, बल्कि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से बचने के लिए मोबाइल और अन्य डिवाइसों से भी दूरी बना ली.

अमेरिका को भी नहीं मिला खामेनेई से संवाद

अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका चाहता था कि इजराइल बंकर बस्टर बम गिराने से पहले खामेनेई से एक शांति प्रस्ताव पर सहमति ले. लेकिन ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने यह कहकर मना कर दिया कि उनका खामेनेई से कोई संपर्क नहीं है. First Updated : Friday, 27 June 2025