नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपना शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन तैनात कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, इसी कैरियर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की गई है. यह जहाज कुछ हफ्ते पहले दक्षिण चीन सागर से पश्चिम एशिया पहुंचा था.
अमेरिका का कहना है कि ईरान के साथ हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं, इसलिए क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को मजबूत किया गया है. इजरायल के समर्थन और ईरान की गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया ऐसा बताया जा रहा है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, USS अब्राहम लिंकन से ईरान के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया गया है. यह कार्रवाई इजरायल की मदद और क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन बनाए रखने के लिए की जा रही है.
यह अमेरिकी नौसेना का एक शक्तिशाली युद्ध समूह है, जिसे Carrier Strike Group 3 (CSG-3) के नाम से जाना जाता है. इस समूह का नेतृत्व न्यूक्लियर पावर से चलने वाला एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन करता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह समूह अकेले ही एक बड़ी सैन्य ताकत के बराबर क्षमता रखता है.
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विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की तैनाती से ईरान को भारी नुकसान हो सकता है. रोजाना 100-150 हवाई हमले संभव बताए जाते हैं. हालांकि, ईरान के पास भी बैलिस्टिक मिसाइलें, ड्रोन और सहयोगी गुट मौजूद हैं, जो जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं.
यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो पूरे मिडिल ईस्ट में व्यापक संघर्ष की आशंका है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है. First Updated : Saturday, 28 February 2026