India-Maldives Tension: घुटनों पर आया मालदीव! तनातनी के बीच भारत आ रहे विदेश मंत्री मूसा जमीर

भारत और मालदीव के बीच कई महीनों से तनातनी जारी है. आए दिन मालदीव के मंत्री भारत विरोधी बयान देते रहते हैं. इस बीच अब खबर हैं कि मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर भारत आने वाले हैं.

Dimple Kumari
Edited By: Dimple Kumari

India-Maldives Tension: भारत और मालदीव के बीच कई महीनों से तनातनी जारी है. आए दिन मालदीव के मंत्री भारत विरोधी बयान देते रहते हैं. इस बीच अब खबर हैं कि मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर भारत आने वाले हैं. 9 मई को वह भारत दौरे पर रहने वाले हैं. साथ ही भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात करने वाले हैं.   वहीं,  न्यूज एजेंसी 'यूएनआई' की रिपोर्ट की मानें तो दोनों दिग्गजों के बीच आपसी हित के द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बात होने वाली है.

कई मीडिया रिपोर्टस ने विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान का हवाला देते हुए बताया कि "इडियन ओशियन रीजन (आईओआर) में मालदीव भारत का अहम समुद्री साझेदार है. ऐसे में उम्मीद है कि विदेश मंत्री मूसा जमीर के इस दौरे से दोनों देशों के द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ावा मिलेगा." वहीं, अब देखना ये दिलचस्प होगा कि क्या मूसा जमीर के दौरे से भारत मालदीव के रिश्ते में सुधार आता हैं या नहीं. 

बता दें कि मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर का मंत्रालय का जिम्मा संभालने के बाद ये पहला आधिकारिक दौरा होने वाला है. जानकारिक के मुताबिक मूसा जमीर ऐसे वक्त में भारत का दौरा करने आ रहे हैं. जब भारत ने खुद कहा कि 10 मई, 2024 से पहले मालदीव से अपने सैन्यकर्मियों को हटा लेगा. मालदीव के  राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत को वहां से अपने सैनिकों को पूरी तरीके से हटाने के लिए 10 मई कि समय सीमा दी थी. हालांकि भारत पहले ही वहां से अब तक 51 सैनिकों के बुला लिया है. इस बात की जानकारी खुद मालदीव सरकार ने दी है. 
 

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