नई दिल्ली: मिडल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. युद्ध के मैदान में मिसाइलों और ड्रोन हमलों के बीच अब दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व में तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है. हाल ही में ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई द्वारा इजराइल को 'कैंसर' बताने पर इजराइली विदेश मंत्री गिदोन सा’आर ने बेहद कड़ा और व्यक्तिगत पलटवार किया है. उन्होंने सीधे शब्दों में मोजतबा को उनके पिता के हश्र की याद दिलाई है.
X पर भिड़े दोनों देशों के नेता
ईरान पर अमेरिकी सेना के हालिया हमलों से भड़के मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इजराइल के खिलाफ जहर उगला. खामेनेई ने लिखा, लड़खड़ाता हुआ जायोनी शासन और इजराइल नाम का कैंसर का ट्यूमर अपने घिनौने अस्तित्व के अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहे हैं.
अपने अगले पोस्ट में उन्होंने खाड़ी देशों को चेतावनी देते हुए कहा, अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद अब इस्लामी दुनिया और दबे-कुचले लोगों का आम नारा बनेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि खाड़ी देश अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए सुरक्षा ढाल का काम नहीं करेंगे.
इजराइल के विदेश मंत्री ने क्या कहा
इस बयान के कुछ ही घंटों बाद इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सा’आर ने मोजतबा को घेरते हुए लिखा, यह भाषा बहुत जानी-पहचानी लग रही है. मुझे याद है कि इसी तरह के सरनेम वाले एक व्यक्ति ने ठीक यही बात कही थी. सा'आर ने तंज कसते हुए आगे पूछा, वैसे, आप आजकल कहां छिपे हैं? गौरतलब है कि मोजतबा ने अपने ट्वीट में 10 साल पहले अपने पिता द्वारा कही गई उस बात को भी दोहराया था जिसमें दावा किया गया था कि इजराइल अगले 25 साल का इतिहास नहीं देख पाएगा.
जमीन पर नहीं थम रहा अमेरिका-ईरान का टकराव
एक तरफ जहां सीजफायर को बढ़ाने की बातचीत चल रही है वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है. दक्षिण ईरान में अमेरिकी नौसेना ने आत्मरक्षा का हवाला देते हुए ईरानी नावों पर ताबड़तोड़ हमले किए. इस कार्रवाई के जवाब में ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' ने बड़ा दावा किया है.
अमेरिका पर गिराया MQ-9 रीपर ड्रोन
IRGC के मुताबिक उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका के एक बेहद आधुनिक और महंगे MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है. इस सैन्य टकराव के बाद से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के तमाम सैन्य अड्डों पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है क्योंकि मोजतबा खामेनेई पहले ही साफ कर चुके हैं कि अब यह पूरा इलाका अमेरिकी सेना के लिए सुरक्षित नहीं रहेगा. First Updated : Wednesday, 27 May 2026