ईरानी जहाज में पाए गए चीन से आए मिसाइल रसायन? निक्की हेली ने किया बड़ा दावा
निक्की हेली ने दावा किया है कि जब्त ईरानी जहाज चीन से मिसाइल से जुड़ी सामग्री लेकर जा रहा था. इस बयान के बाद अमेरिका, ईरान और चीन के बीच तनाव और बढ़ता दिख रहा है.

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक और बड़ा दावा सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को और गर्म कर दिया है. अमेरिका की पूर्व राजदूत और रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने हाल ही में जब्त किए गए एक ईरानी जहाज को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके मुताबिक, यह जहाज चीन से ईरान जा रहा था और इसमें मिसाइल से जुड़ी रासायनिक सामग्री होने की आशंका है.
निक्की हेली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि अमेरिकी नौसेना द्वारा रोका गया यह जहाज कई बार चेतावनी देने के बावजूद नहीं रुका. उन्होंने दावा किया कि यह जहाज चीन से रवाना हुआ था और ईरान की ओर बढ़ रहा था, जिसमें मिसाइलों से संबंधित रासायनिक शिपमेंट जुड़ा हो सकता है.
The ship the U.S. seized in the Strait of Hormuz this weekend was headed from China to Iran and is linked to chemical shipments for missiles.
It refused repeated orders to stop.
Another reminder that China is helping prop up Iran’s regime—a reality that can’t be ignored.— Nikki Haley (@NikkiHaley) April 20, 2026
हेली ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह एक और संकेत है कि चीन, ईरान के साथ मिलकर काम कर रहा है और उसे मजबूती देने में मदद कर रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की गतिविधियों को नजरअंदाज करना अब आसान नहीं रहा है.
‘टौस्का’ जहाज की पहचान
जिस जहाज को लेकर यह विवाद खड़ा हुआ है, उसकी पहचान ‘M/V Touska’ के रूप में हुई है. यह एक ईरानी झंडे वाला कंटेनर जहाज है, जिसे कथित तौर पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स (IRISL) नेटवर्क का हिस्सा माना जाता है. यह नेटवर्क पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में है, जिससे इस मामले की संवेदनशीलता और बढ़ जाती है.
कहां और कैसे हुई कार्रवाई
जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में ईरान के चाबहार बंदरगाह के पास इस जहाज को रोका. इसके बाद मरीन ने जहाज पर चढ़ाई कर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया. यह कार्रवाई उस समय की गई, जब जहाज अपनी यात्रा जारी रखते हुए निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था.
ईरान ने कार्रवाई को बतया ‘समुद्री डकैती’
इस पूरी घटना पर ईरान ने कड़ा विरोध जताया है. ईरानी सेना ने अमेरिकी कार्रवाई को “सशस्त्र समुद्री डकैती” करार दिया है और इसकी कड़ी निंदा की है. तेहरान का कहना है कि यह जहाज चीन से आया था और उसमें कोई अवैध सामग्री नहीं थी. साथ ही ईरान ने यह संकेत भी दिया है कि जब तक यह नाकाबंदी खत्म नहीं होती, वह इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता में हिस्सा नहीं लेगा.
अमेरिकी आकलन और शक की वजह
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सुरक्षा सूत्रों का मानना है कि जहाज में “दोहरे उपयोग” वाली सामग्री हो सकती है. इसका मतलब ऐसी चीजें, जिन्हें आम औद्योगिक कामों के साथ-साथ सैन्य उपयोग में भी लाया जा सकता है. हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि जहाज में कौन-कौन सी वस्तुएं मौजूद थीं. अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) पहले भी धातु, पाइप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसी चीजों को इस तरह की श्रेणी में रख चुका है, जिनका उपयोग दोनों क्षेत्रों में संभव है.
प्रतिबंधों का पुराना इतिहास
अमेरिका ने 2019 में IRISL पर प्रतिबंध लगाए थे. उस समय आरोप लगाया गया था कि यह नेटवर्क ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े संगठनों के लिए सामान की ढुलाई करता है. वाशिंगटन का मानना है कि यह शिपिंग लाइन ऐसे एजेंट्स के लिए काम करती है, जो ईरान के सैन्य कार्यक्रम को समर्थन देते हैं.


