ट्रंप के कहने पर ईरान को मनाने में जुटे मुनीर-शरीफ, पाकिस्तान का है ये प्लान!

अब्बास अराघची ने अपनी टीम के साथ पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की। मुनीर मध्यस्थता प्रयासों में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद अहम मंच बन गया है। अमेरिकी दूत शनिवार को ईरान के साथ शांति वार्ता का नया दौर शुरू करने पाकिस्तान की राजधानी रवाना हुए। डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं।

व्हाइट हाउस ने कहा कि वे ईरानी प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने बातचीत करेंगे। ईरानी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार देर रात इस्लामाबाद पहुंचा। टीम में विदेश मंत्री अब्बास अराघची, उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी, राजदूत रजा अमीरी मोघदम और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई शामिल हैं।

असीम मुनीर से हुई मुलाकात 

आपको बताते चलें कि अब्बास अराघची ने अपनी टीम के साथ पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की। मुनीर मध्यस्थता प्रयासों में अहम भूमिका निभा रहे हैं। तेहरान दूतावास ने दोनों की एक छोटी वीडियो जारी की, लेकिन बातचीत का ब्यौरा नहीं दिया।

माना जा रहा है कि ईरान ने अपनी शर्तें मुनीर को बता दी हैं। यह अराघची की इस्लामाबाद पहुंचने के बाद पहली बैठक थी। बैठक में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अराघची की उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार से भी मुलाकात होनी है।

इसके बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मिला। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि दोनों पक्ष ‘क्षेत्रीय स्थिति’ पर चर्चा कर रहे हैं। रॉयटर्स से जुड़े एक पाकिस्तानी सूत्र ने बताया कि अराघची ने पाकिस्तानी अधिकारियों को तेहरान की वार्ता संबंधी मांगें और अमेरिकी मांगों पर आपत्तियां बता दी हैं।

सोमवार को हो सकती है सीधी बात! 

गौरतलब है कि अब सब कुछ इस पर टिका है कि पाकिस्तान ईरान के विदेश मंत्री को मना पाता है या नहीं। शहबाज शरीफ से मुलाकात के बाद शनिवार देर शाम तक तस्वीर साफ हो जाएगी। अराघची आज रात इस्लामाबाद से मॉस्को रवाना होंगे। यदि बात बनी तो वह सोमवार (04 मई 2026) को अमेरिका-ईरान सीधी वार्ता के लिए इस्लामाबाद लौट सकते हैं।

स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर रविवार को किसी भी वक्त इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। यहां वे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से बात करेंगे। पूरी रूपरेखा ईरान के विदेश मंत्री के अंतिम फैसले पर निर्भर है। उम्मीद है कि सोमवार को बातचीत होगी।

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