दो महीने बाद खुला तेहरान एयरपोर्ट, फिर शुरू हुई इंटरनेशनल उड़ानें

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच तेहरान का इमाम खुमैनी एयरपोर्ट दो महीने बाद आंशिक रूप से फिर से शुरू हुआ है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें धीरे-धीरे बहाल हो रही हैं. वहीं, दोनों देशों के बीच इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता से वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने और हालात सुधरने की उम्मीद जताई जा रही है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

ईरान और अमेरिका के बीच लगभग दो महीने तक चले संघर्ष के बाद अब हालात में कुछ नरमी देखने को मिल रही है. इसी बीच राजधानी तेहरान का प्रमुख इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक बार फिर आंशिक रूप से खोल दिया गया है. शनिवार सुबह से यहां से कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया है. 

पहली फ्लाइट्स रवाना

ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहली फ्लाइट्स मदीना, मस्कट और इस्तांबुल के लिए रवाना हो चुकी हैं, जबकि आने वाले दिनों में उड़ानों की संख्या और रफ्तार बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में ईरान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित मशहद शहर का एयरपोर्ट भी फिर से चालू किया गया था. इसके बाद देश के विभिन्न क्षेत्रों में धीरे-धीरे हवाई सेवाएं बहाल की जा रही हैं. हालांकि, पूरी तरह से सामान्य स्थिति बहाल होने में अभी समय लग सकता है, क्योंकि सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की मरम्मत का काम जारी है.

गौरतलब है कि हालिया संघर्ष के दौरान तेहरान समेत कई शहरों के एयरपोर्ट्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इजरायल की वायुसेना ने बहराम, मेहराबाद और अजमायेश जैसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट्स को निशाना बनाकर हवाई हमले किए थे. इन हमलों के चलते एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को गंभीर क्षति पहुंची, जिससे उड़ानों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया था. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के कई बड़े शहरों पर की गई बमबारी से भी भारी जनहानि और संपत्ति का नुकसान हुआ.

युद्धविराम जैसी स्थिति

वहीं, अब जब युद्धविराम जैसी स्थिति बनी हुई है, तो कूटनीतिक स्तर पर भी प्रयास तेज हो गए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में वार्ता प्रस्तावित है. इस बातचीत से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को काफी उम्मीदें हैं, क्योंकि दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है. खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में दोहरी नाकेबंदी के चलते तेल आपूर्ति और व्यापार पर गंभीर असर देखने को मिला है.

इससे पहले इस्लामाबाद में हुई वार्ता का पहला दौर किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सका था, लेकिन इस बार दोनों पक्षों के बीच किसी सकारात्मक समाधान की उम्मीद जताई जा रही है.

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