होर्मुज में बढ़ा खतरा: ईरान की समुद्री माइन्स कितनी घातक, जहाजों को कितना नुकसान संभव
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री माइन्स ने खतरे को कई गुना बढ़ा दिया है. ये माइन्स बड़े जहाजों को भी गंभीर नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखती हैं.

नई दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच ईरान द्वारा बिछाई जा रही समुद्री माइन्स ने वैश्विक चिंता को बढ़ा दिया है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन रास्तों में से एक है, जहां किसी भी तरह की बाधा का असर सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है.
अमेरिका द्वारा एंटी-माइन ऑपरेशन शुरू करने की घोषणा के बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने छोटी नावों के जरिए माइन्स बिछाई हैं, जिससे यह इलाका जहाजों के लिए बेहद खतरनाक बन गया है.
ईरान की माइन बिछाने की रणनीति
ईरान ने अपने बड़े जहाजों के नुकसान के बाद छोटे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए माइन्स बिछाने की रणनीति अपनाई है.
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान को खुद अपनी बिछाई माइन्स का पूरा नक्शा नहीं मिल पा रहा है और उन्हें हटाने की क्षमता भी सीमित है.
इसके अलावा ईरान के पास ड्रोन, एंटी-शिप मिसाइलें और तेज रफ्तार नावें भी मौजूद हैं, जो खतरे को और बढ़ाती हैं.
कौन-कौन सी माइन्स का इस्तेमाल
ईरान मुख्य रूप से दो प्रकार की माइन्स का उपयोग कर रहा है -महाम 3 और महाम 7.
ये पारंपरिक माइन्स से अलग हैं, क्योंकि इनमें मैग्नेटिक और एकॉस्टिक सेंसर लगे होते हैं, जो जहाज के पास आने पर सक्रिय हो जाते हैं.
महाम 3 का वजन करीब 383 किलो है, जिसमें लगभग 120 किलो विस्फोटक होता है, जबकि महाम 7 का वजन 220 किलो है और इसमें 100 से 150 किलो तक विस्फोटक होने की संभावना है.
कितना हो सकता है नुकसान
महाम 3 माइन गहरे पानी में बड़े जहाजों जैसे सुपरटैंकर या कार्गो शिप को गंभीर नुकसान पहुंचाने में सक्षम है. पानी के भीतर विस्फोट होने पर उत्पन्न शॉकवेव जहाज के ढांचे को तोड़ सकती है.
वहीं महाम 7 उथले पानी में मध्यम आकार के जहाजों को नुकसान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल होती है.
इन माइन्स की खासियत यह है कि कम संख्या में भी ये पूरे समुद्री मार्ग को बाधित कर सकती हैं.
अमेरिका के लिए चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन
माइन्स को हटाना बेहद जटिल और जोखिम भरा काम है. पारंपरिक माइन्सवीपर जहाज हमले का आसान लक्ष्य बन सकते हैं.
अमेरिका इसके लिए अनक्रूड यानी बिना चालक वाले सिस्टम का इस्तेमाल कर सकता है, जिनमें अंडरसी माइन हंटर और एयरबोर्न सिस्टम शामिल हैं, जो माइन्स को खोजकर नष्ट करते हैं.
वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था पर असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर सीधा असर पड़ता है.
कम लागत में माइन्स बिछाकर बड़े समुद्री मार्ग को बाधित करना एक प्रभावी रणनीति साबित हो रही है.
कानूनी और रणनीतिक सवाल
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री मार्गों को पूरी तरह बाधित करना नियमों के खिलाफ है, लेकिन ईरान का दावा है कि होर्मुज का कुछ हिस्सा उसके अधिकार क्षेत्र में आता है.
ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान माइन्स का पूरा विवरण साझा करेगा या नहीं, खासकर जब क्षेत्र में सैन्य तनाव बना हुआ है.


