आईपीएल में व्यस्त हरभजन सिंह के घर पर बवाल, लोगों ने लिखा ‘गद्दार’, जानें वजह
पंजाब में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में गए राज्यसभा सांसदों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह के घर के बाहर दीवार पर काले रंग से 'पंजाब का गद्दार' लिखकर विरोध जताया गया।

नई दिल्ली: शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) को आम आदमी पार्टी के 7 सदस्यों ने पार्टी छोड़कर भाजपा को जॉइन कर लिया। जिसमें राघव चड्डा, हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल का भी नाम शामिल था। इस फैसले ने सभी को हैरान कर दिया। खासकर AAP समर्थकों को यह बात गहरी चुभी। पार्टी बदलने के अगले ही दिन इस निर्णय का खामयाजा क्रिकेटर हरभजन को भरना पड़ा।
हरभजन के घर तक आ पहुंचे AAP के कार्यकर्ता!
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पंजाब में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में गए राज्यसभा सांसदों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह के घर के बाहर दीवार पर काले रंग से 'पंजाब का गद्दार' लिखकर विरोध जताया गया। बता दें कि भज्जी इस समय आईपीएल में व्यस्त हैं।
इसके अलावा आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता काली पट्टी बांधकर सड़कों पर उतरे। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग स्प्रे पेंट से दीवार पर लिख रहे हैं। मौके पर पुलिस मौजूद थी, लेकिन उन्हें रोकने की कोई खास कोशिश नहीं दिखी।
इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर तीखा हमला बोला। चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता कर उन्होंने दलबदल करने वालों को 'गद्दार' बताया। मान ने कहा कि इन नेताओं ने न सिर्फ आम आदमी पार्टी बल्कि पंजाब की जनता के भरोसे को भी तोड़ा है।
मान ने भाजपा पर डर और लालच की राजनीति का लगाया आरोप
आपको बताते चलें कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब में जमीन न होने के कारण दलबदल की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा आम आदमी पार्टी को तोड़ने के लिए डर, लालच और दबाव की रणनीति अपना रही है। मान ने कहा कि पंजाब में 'बेअदबी' के खिलाफ सख्त कानून लागू होने के बाद से भाजपा की बेचैनी बढ़ गई है।
सीएम भगवंत मान ने इसी क्रम में आगे यह भी कहा कि भाजपा को पंजाब और पंजाबियों से समस्या है। जो भी चीज पंजाब के लोगों को खुशी देती है, भाजपा उसे बिगाड़ने की कोशिश करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी, तब केंद्र ने राज्य के ग्रामीण विकास के लिए मिलने वाली राशि रोक दी।


