Gen-Z का बदला! बालेन शाह ने पूर्व PM केपी ओली को 50 हजार वोटों से हराया, जीत के बाद पार्टी ने दिया सख्त निर्देश
हाल ही में नेपाल में हुए आम चुनाव में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. बालेन शाह ने केपी शर्मा ओली को लगभग 50 हजार वोटों के अंतर से हरा दिया है.

नेपाल: नेपाल के हालिया आम चुनाव में एक बड़ा उलटफेर हुआ है. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के प्रमुख नेता और पूर्व काठमांडू मेयर बालेन शाह ने झापा जिले के निर्वाचन क्षेत्र-5 से भारी जीत हासिल की.
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली को लगभग 50 हजार वोटों के अंतर से हराया. यह जीत नेपाल की राजनीति में नई हवा लाई है, खासकर युवाओं के बीच.
बालेन शाह की निर्णायक जीत
अंतिम मतगणना के अनुसार बालेन शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि केपी शर्मा ओली को सिर्फ 18,000 के आसपास वोट मिले. इस तरह दोनों के बीच करीब 50 हजार वोटों का बड़ा फर्क रहा.
झापा-5 ओली का पारंपरिक गढ़ माना जाता था, जहां उन्होंने कई बार जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार बालेन शाह ने वहां धमाल मचा दिया. यह जीत आरएसपी की राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत स्थिति को दिखाती है, जहां उनकी पार्टी कई सीटों पर आगे चल रही है.
पार्टी का सख्त निर्देश
जीत के बाद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने अपने सभी विजयी उम्मीदवारों को सख्त निर्देश दिए हैं. पार्टी ने कहा है कि कोई विजय जुलूस, उत्सव या रैली नहीं निकाली जाएगी. उपाध्यक्ष डीपी अर्याल ने कहा कि चुनाव की जीत जश्न का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का मौका है.
उन्होंने बताया कि पिछले साल जेन-जी (Gen Z) विरोध प्रदर्शनों में कई युवाओं ने अपनी जान गंवाई थी. उनकी कुर्बानी को भुलाया नहीं जा सकता, इसलिए अब समय काम करने का है.
जनता को पार्टी का संदेश
पार्टी ने विजयी उम्मीदवारों को फूलों की मालाएं पहनने, गाड़ी जुलूस निकालने या दिखावटी कार्यक्रमों से दूर रहने को कहा है. सिर्फ मतगणना केंद्र पर समर्थकों का संक्षिप्त अभिवादन करने की इजाजत है.
अर्याल ने पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने और बालेन शाह की ओर से संदेश दिया कि मतदाताओं ने भ्रष्टाचार खत्म करने और अच्छा शासन देने के लिए वोट दिया है. इसलिए प्राथमिकता जनता की उम्मीदें पूरी करना है.
यह चुनाव नेपाल में बदलाव की मिसाल है. युवा वोटरों ने पुरानी पार्टियों को नकारते हुए नई सोच वाली पार्टी को चुना. बालेन शाह की यह जीत न सिर्फ व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि राजनीति में युवा नेतृत्व की ताकत दिखाती है.


