खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस वैन पर घातक हमला डीएसपी सहित सात लोगों की मौत

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पुलिस वाहन पर घात लगाकर हमला किया गया। अंधाधुंध गोलीबारी में डीएसपी समेत सात लोगों की मौत हुई, जबकि हमलावर मौके से फरार हो गए।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

खैबर पख्तूनख्वा के कोहट जिले में पुलिस वाहन पर घात लगाकर हमला किया गया। हमलावरों ने सुनसान इलाके में वैन को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। हमले में वाहन सवार पुलिसकर्मी निशाना बने। फायरिंग से इलाके में अफरा तफरी मच गई। कुछ राहगीर भी घायल हुए।हमलावर वारदात के बाद फरार हो गए।

मृतकों में कौन कौन शामिल?

हमले में डिप्टी सुपरिटेंडेंट असद महमूद की मौत हो गई। उनके दो सुरक्षाकर्मी भी मौके पर मारे गए। कुल सात लोगों की जान गई बताई गई है। इनमें एक आम नागरिक भी शामिल है। घायलों को नजदीकी अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मृतकों की पहचान प्रक्रिया शुरू की। घटना ने सुरक्षा बलों को झकझोर दिया।

घात लगाकर क्यों किया हमला?

रिपोर्टों के अनुसार हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे थे। शकरदरा रोड के पास जंगल क्षेत्र को निशाना बनाया गया। जैसे ही पुलिस वाहन वहां पहुंचा हमला कर दिया गया। हमलावरों ने कई दिशाओं से गोलीबारी की।डीएसपी और उनके गार्ड तुरंत घायल हो गए। हमले के बाद वाहन में आग भी लगा दी गई। इससे नुकसान और बढ़ गया।

सुरक्षा एजेंसियों की क्या कार्रवाई?

घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया। पुलिस और सेना की कई टीमें मौके पर भेजी गईं। हमलावरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चल रहा है।अधिकारियों ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया। घटना की जांच भी शुरू कर दी गई। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

सरकार और प्रशासन का बयान क्या?

खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर ने इसे आतंकी हमला बताया। उन्होंने हमलावरों को सख्त सजा देने की बात कही।सरकार ने घटना की निंदा की है। सुरक्षा बलों को कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की। घटना को गंभीर सुरक्षा चुनौती माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया आई है।

क्षेत्र में बढ़ती हिंसा क्यों चिंता?

खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हमले लगातार बढ़ रहे हैं। सुरक्षा बल अक्सर निशाना बन रहे हैं। सरकार इन घटनाओं के लिए उग्रवादी संगठनों को जिम्मेदार मानती है। हाल के दिनों में कई हमले सामने आए हैं। इससे सुरक्षा स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञ इसे बढ़ती अस्थिरता का संकेत मानते हैं। क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।

हालिया घटनाएं क्या संकेत देती?

पिछले दिनों भी सुरक्षा बलों पर हमले दर्ज हुए हैं। करक जिले में जवानों पर हमला हुआ था। बाजौर में सैन्य चौकी को भी निशाना बनाया गया था। राजधानी इस्लामाबाद में भी आतंकी घटना हुई थी। इन घटनाओं ने सुरक्षा चिंता बढ़ाई है।विश्लेषक व्यापक रणनीति की जरूरत बता रहे हैं।स्थिति पर सरकार की नजर बनी हुई है।

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