Oil Crisis in Pakistan : जंग के बीच तेल की कीमतों में लगी आग...पाकिस्तान में सड़कों पर हाहाकार, 336 रुपये प्रति लीटर हुई पेट्रोल
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच अब पूरी दुनिया में कच्चे तेल के कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है. वहीं पाकिस्तान में सबसे बुरा हाल है. सरकार ने आनन-फानन में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी. जिसके बाद अब पाकिस्तान में पेट्रोल 336 रुपये और डीजल 321 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है.

नई दिल्ली : दुनिया में क्रूड ऑयल का संकट गहराता जा रहा है. अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए जिसके बाद पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध की चपेट में आ गया. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद कर दिया और कतर-कुवैत जैसे देशों ने तेल सप्लाई रोक दी. इसका सीधा असर ग्लोबल कीमतों पर पड़ा. पाकिस्तान जैसे तेल आयात पर निर्भर देशों में हाहाकार मच गया. पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं और सरकार ऊर्जा बचाने के पुराने तरीकों को फिर लागू करने की सोच रही है. यह संकट कितना लंबा चलेगा यह अभी किसी को नहीं पता.
होर्मुज स्ट्रेट का बड़ा रोल
आपको बता दें कि 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध ने तेल बाजार को हिला दिया. ब्रेंट क्रूड 25 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया. डब्ल्यूटीआई भी 112 डॉलर के पार निकल गया. होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल गुजरता है. ईरान ने टैंकरों की आवाजाही रोक दी और कतर-कुवैत ने सप्लाई बंद करने का ऐलान कर दिया. इन कदमों ने कीमतों में आग लगा दी.
पाकिस्तान की सड़कों पर हाहाकार
पाकिस्तान में स्थिति सबसे खराब है. सरकार ने पेट्रोल की कीमत 336 रुपये और हाई स्पीड डीजल 321 रुपये प्रति लीटर कर दी. कराची और लाहौर समेत हर शहर के पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगी हुई है. लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं. 50 रुपये से ज्यादा की एक साथ बढ़ोतरी ने आम आदमी को परेशान कर दिया. ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की जिंदगी ठप पड़ने लगी है.
कोरोना जैसे उपायों की जरूरत
शहबाज शरीफ सरकार अब कोविड काल के ऊर्जा बचत नियमों को फिर लागू करने पर विचार कर रही है. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक तीन चरणों वाली योजना तैयार की जा रही है. पहले चरण में सरकारी दफ्तरों में काम कम होगा. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आपात बैठक होने वाली है. इसका मकसद आयातित तेल और गैस की मांग घटाना है.
सरकार का क्या है प्लान
योजना में वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लासेस शुरू करने का प्रस्ताव है. सरकारी बैठकें ऑनलाइन होंगी. हेल्थ सेक्टर को छोड़कर दफ्तरों में स्टाफ सीमित रहेगा. सार्वजनिक छुट्टियां बढ़ाई जा सकती हैं. पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी और तस्करी पर सख्त नजर रखी जाएगी. जरूरी क्षेत्रों को एलएनजी और एलपीजी की सप्लाई पहले दी जाएगी.
तेल भंडार के दावे खोखले
पिछले साल पाकिस्तान ने अरब सागर में विशाल तेल भंडार मिलने का दावा किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पाकिस्तान के तेल रिजर्व पर डील का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि एक दिन पाकिस्तान भारत को तेल बेच सकता है. लेकिन अब संकट के बीच ये दावे खोखले साबित हो रहे हैं. 2020 की यूसएआईडी स्टडी पर आधारित रिपोर्ट्स में भी कोई ठोस रिजर्व साबित नहीं हुआ.


