PoK में बगावत से घबराए बिलावल भुट्टो, प्रदर्शनकारियों से की आंदोलन रोकने की अपील

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में इन दिनों हालात बेहद विस्फोटक और बेकाबू हो चुके हैं. बुनियादी हकों और चुनावी आरक्षण के खिलाफ शुरू हुआ जनता का शांतिपूर्ण आंदोलन अब खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया है.

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नई दिल्ली: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इन दिनों हालात बेहद विस्फोटक और बेकाबू हो चुके हैं. बुनियादी हकों और चुनावी आरक्षण के खिलाफ शुरू हुआ जनता का शांतिपूर्ण आंदोलन अब खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया है. पाकिस्तानी सेना और अर्द्धसैनिक बलों द्वारा कश्मीरी प्रदर्शनकारियों के हिंसक दमन के कारण अब तक 100 से अधिक स्थानीय नागरिकों की जान जाने की खबरें हैं. पूरे इलाके में अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया है और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप हैं.

पाकिस्तानी नेताओं में भारत का खौफ

PoK में मचे इस कत्लेआम की गूंज अब न्यूयॉर्क से लेकर लंदन तक सुनाई दे रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की छवि तार-तार हो रही है. इस बगावत से सहमे पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने रविवार को प्रदर्शनकारियों से आंदोलन रोकने की मिन्नतें कीं. पहले गोलियां चलवाने वाले बिलावल अब अचानक शांति का राग अलाप रहे हैं. हाल ही में अमेरिका-ईरान शांति समझौते में मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान को डर है कि PoK की हिंसा के कारण वैश्विक समुदाय उस पर प्रतिबंध न लगा दे. पाकिस्तानी हुक्मरानों को सबसे बड़ा खौफ यह सता रहा है कि इस आंतरिक विद्रोह का फायदा उठाकर भारत कहीं PoK को दोबारा अपने नियंत्रण में न ले ले.

क्यों भड़की है विद्रोह की यह आग? 

इस ऐतिहासिक आंदोलन का नेतृत्व 'जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी ऐक्शन कमेटी' (JAAC) कर रही है. संगठन ने शुरुआत में महज 9 जून तक विरोध प्रदर्शन का एलान किया था, लेकिन बौखलाई शहबाज शरीफ सरकार ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया और सेना उतार दी. इसके बाद आम जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया.

विवाद की मुख्य वजहें

PoK विधानसभा की कुल 53 सीटों में से 45 पर सीधा चुनाव होता है. आंदोलनकारियों की मांग है कि इन 45 सीटों में से 12 सीटों पर शरणार्थियों को दिया गया अनुचित आरक्षण तुरंत खत्म किया जाए. बिलावल भुट्टो के अनुसार आगामी 27 जुलाई को होने वाले चुनावों को टालने की साजिश रची जा रही है, जबकि जनता मौजूदा चुनावी ढांचे और वित्तीय शोषण के खिलाफ है.

लंदन में गूंजे 'शहबाज शरीफ मुर्दाबाद' के नारे

पाकिस्तानी हुकूमत के इस बर्बर दमन के खिलाफ विदेशों में रहने वाले कश्मीरी प्रवासियों ने भी मोर्चा खोल दिया है. यूके (UK) में ब्रिटिश पार्लियामेंट के सामने हजारों की तादाद में ब्रिटिश-कश्मीरियों ने इकट्ठा होकर उग्र प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने 'शहबाज शरीफ मुर्दाबाद' के नारे लगाए और PoK में महिलाओं के साथ हो रहे शोषण व मानवाधिकारों के हनन को तत्काल रोकने की मांग की. रावलाकोट समेत कई मुख्य शहरों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद करके पाक सेना भले ही सच को दबाने की कोशिश कर रही हो, लेकिन PoK की आवाम अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रही है. First Updated : Monday, 15 June 2026

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