Trump Putin meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अलास्का मुलाकात का माहौल सर्द हवाओं से भरा रहा. तापमान 9 डिग्री तक गिरा, लेकिन राजनीतिक गर्माहट की उम्मीद जगाने वाला यह शिखर सम्मेलन निराशाजनक साबित हुआ. ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर बातचीत नाकाम रही तो वे चले जाएंगे. इसके बावजूद दोनों नेताओं की शुरुआती मुलाक़ात गर्मजोशी भरी रही और मीडिया की सुर्खियों में छा गई.
शुरुआत में ट्रंप ने सख्त लहजे में पुतिन को चेतावनी दी कि अगर यूक्रेन युद्ध समाप्त करने में प्रगति नहीं हुई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे. लेकिन जब आमने-सामने भेंट हुई, तो ट्रंप की सख्ती गायब दिखी. पुतिन का अमेरिकी धरती पर लंबे समय बाद पहुंचना किसी नायक के स्वागत जैसा था. रेड कार्पेट पर उनका अभिनंदन हुआ, ट्रंप ने उनके लिए ताली बजाई और लंबा हाथ मिलाकर मुस्कुराए.
दोनों नेताओं का मंच पर आगमन किसी नाटकीय दृश्य से कम नहीं था. अमेरिकी F-22 लड़ाकू विमान और B-2 बॉम्बर ने ऊपर उड़ान भरकर शक्ति प्रदर्शन किया. मंच के पीछे शांति की खोज लिखा हुआ था और दोनों नेता एक-दूसरे की संगति का आनंद लेते दिखे. पत्रकारों के सवालों को भी दोनों ने अनसुना कर दिया. पुतिन से जब नागरिकों की हत्या रोकने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कान की ओर इशारा कर व्यंग्य में जवाब टाल दिया.
इसके बाद घटनाक्रम ने अप्रत्याशित मोड़ लिया. ट्रंप ने पुतिन को इशारा किया और दोनों अमेरिकी राष्ट्रपति की आधिकारिक लिमोज़िन ‘द बीस्ट’ में साथ बैठ गए. यह स्पष्ट नहीं था कि यह योजना पहले से बनी थी या अचानक लिया गया फैसला. कार की अंधेरी खिड़कियों के पीछे दोनों नेताओं की बातचीत ने और भी रहस्य पैदा कर दिया. पुतिन की मुस्कान और ट्रंप की गंभीरता ने मीडिया को खूब सामग्री दी.
बैठक तीन घंटे चली, लेकिन किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची. यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का समझौता दूर की बात रही. संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप का आक्रामक तेवर नदारद था. उनके बयान से पराजय का आभास मिला. वहीं पुतिन ने अगली बैठक मास्को में करने का प्रस्ताव दिया, जिस पर ट्रंप ने हिचकते हुए सहमति जताई.
बॉडी लैंग्वेज विशेषज्ञ डॉ. जॉन पॉल गैरिसन ने कहा कि शिखर सम्मेलन के अंत तक ट्रंप थके और निराश दिख रहे थे. वहीं पुतिन मुस्कराते नजर आए, जैसे उन्होंने अपना मकसद पूरा कर लिया हो. इस वार्ता ने एक बार फिर दिखा दिया कि कूटनीतिक मंच पर पुतिन अपनी रणनीति से बढ़त लेने में माहिर हैं.
First Updated : Saturday, 16 August 2025