आशा भोसले की खबर दिखाना पड़ा भारी! पाकिस्तान में चैनल को मिला नोटिस
आशा भोसले के निधन की खबर दिखाने के दौरान भारतीय गाने और फिल्मी दृश्य प्रसारित करने पर पाकिस्तान में एक चैनल को नोटिस मिला है. यह मामला अब मीडिया नियमों और अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल खड़े कर रहा है.

भारतीय संगीत जगत की महान आवाज के निधन की खबर ने जहां दुनियाभर के प्रशंसकों को भावुक कर दिया, वहीं पाकिस्तान में इस खबर को दिखाना एक चैनल के लिए मुश्किल बन गया. मशहूर गायिका आशा भोसले से जुड़ी सामग्री प्रसारित करने पर वहां के एक बड़े न्यूज़ चैनल को नोटिस झेलना पड़ा है, जिससे यह मामला अब चर्चा में आ गया है. पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (PEMRA) ने जियोन्यूज चैनल को कारण बताओ नोटिस भेजा है.
नियामक संस्था ने सवाल उठाया है कि आशा भोसले के निधन की खबर दिखाते समय चैनल ने भारतीय गाने और फिल्मों के दृश्य क्यों प्रसारित किए. साथ ही चैनल से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है. PEMRA का कहना है कि पाकिस्तान में भारतीय कंटेंट के प्रसारण पर पहले से ही रोक लगी हुई है, ऐसे में इस तरह की सामग्री दिखाना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
नियामक संस्था ने अपने नोटिस में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया है. इसमें कहा गया है कि भारतीय फिल्मों, गानों और अन्य कंटेंट के प्रसारण पर प्रतिबंध लागू है. ऐसे में जियोन्यूज द्वारा आशा भोसले के गीत और फिल्मों के दृश्य दिखाना इस आदेश की अनदेखी के रूप में देखा जा रहा है. PEMRA ने इसे जानबूझकर किया गया उल्लंघन बताया है और चैनल से जवाब मांगा है कि उसने नियमों का पालन क्यों नहीं किया.
जियोन्यूज का जवाब
इस पूरे विवाद पर जियोन्यूज के प्रबंध निदेशक अजहर अब्बास ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि किसी बड़े कलाकार के निधन पर उनके काम को याद करना और दिखाना पत्रकारिता की परंपरा का हिस्सा है. उनके अनुसार, आशा भोसले जैसी दिग्गज गायिका के मामले में उनके मशहूर गीतों को और अधिक दिखाया जाना चाहिए था. उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद PEMRA ने इस पर आपत्ति जताई, जो समझ से परे है.
आशा भोसले को अंतिम विदाई
रविवार को मुंबई के एक अस्पताल में आशा भोसले का निधन हो गया था. सोमवार शाम उनका अंतिम संस्कार मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे. माहौल भावुक था और पृष्ठभूमि में उनके लोकप्रिय गीत ‘अभी ना जाओ छोड़कर...’ की धुन सुनाई दे रही थी, जिसने सभी को भावुक कर दिया.
आठ दशक का शानदार सफर
आशा भोसले भारतीय संगीत जगत की सबसे बड़ी हस्तियों में से एक थीं. वह लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं. दिलचस्प बात यह है कि लता मंगेशकर का निधन भी फरवरी 2022 में 92 वर्ष की आयु में हुआ था. आशा भोसले ने केवल 10 साल की उम्र में गायन शुरू किया था और अपने लंबे करियर में करीब 12,000 गानों को अपनी आवाज़ दी. उनका सफर करीब आठ दशकों तक चला, जिसमें उन्होंने कई भाषाओं और शैलियों में गाने गाए. उनके बेटे आनंद ने उन्हें मुखाग्नि दी और पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया.
अंतिम विदाई में जुटे दिग्गज
इस मौके पर कई बड़े नाम मौजूद रहे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार सहित कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. इसके अलावा फिल्म जगत से निर्देशक रमेश सिप्पी और अभिनेता आमिर खान व विक्की कौशल भी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे. आशा भोसले का जाना भारतीय संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी.


