नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक बार फिर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है. बता दें, उन्होंने एक मीम शेयर किया है, जिसमें मेलोनी मुस्कुराते हुए उनकी तरफ देख रही हैं और नीचे लिखा है "Restraining Order Needed" यह पोस्ट उस समय आई है जब दोनों नेताओं को तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में मिलना है. वहीं अब ट्रंप की यह हरकत जी7 के बाद शुरू हुए तनाव की अगली कड़ी मानी जा रही है.
मीम में मेलोनी को नीचे से ऊपर की ओर ट्रंप को देखते हुए दिखाया गया था. पोस्ट का समय इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ ही घंटों में दोनों को नाटो के अन्य नेताओं के साथ एक मंच पर बैठना है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस तरह की पोस्ट कूटनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकती है.
दरअसल, विवाद की जड़ पिछले महीने जी7 शिखर सम्मलेन से जुड़ी है. ट्रंप ने तब दावा किया था कि मेलोनी ने उनसे बार-बार फोटो खिंचवाने की जिद की थी. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान से जुड़े अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए इटली ने अपने हवाई अड्डे इस्तेमाल करने से मना कर दिया. हालांकि मेलोनी ने इन आरोपों को तुरंत खारिज किया। उन्होंने इसे पूरी तरह मनगढ़ंत बताया और कहा कि "न मैं और न इटली कभी भीख मांगते हैं." इसके साथ ही जवाब में उन्होंने ट्रंप पर बिना उकसावे के लगातार हमले करने का आरोप भी लगाया.
मेलोनी ने ट्रंप की लोकप्रियता वाली टिप्पणी का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि उनकी साख इटली के हितों की रक्षा से जुड़ी है और वही उनका काम है. अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर उन्होंने साफ किया कि इसका इस्तेमाल मौजूदा समझौतों से तय होता है और जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, इसका उल्लंघन नहीं होगा". अंत में उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "मेरी लोकप्रियता से आपका कोई लेना-देना नहीं. आप अपनी लोकप्रियता देखिए."
बता दें, रविवार को ट्रंप सिर्फ यहीं नहीं रुके. उन्होंने बराक और मिशेल ओबामा की एक छेड़छाड़ की हुई तस्वीर भी डाली. तस्वीर में एयर फोर्स वन पर "यस वी कैन", "बीएलएम" और अरबी में "अलहम्दुलिल्लाह" लिखा दिखाया गया. इससे पहले भी उन्होंने शिकागो स्थित ओबामा लाइब्रेरी की एक ऐसी तस्वीर डाली थी जिसमें उसे कचरे से घिरा दिखाया गया था. एक समय करीबी माने जाने वाले ट्रंप और मेलोनी के बीच अब सार्वजनिक खटास साफ दिख रही है और इसका असर नाटो की बैठक पर भी पड़ सकता है. First Updated : Monday, 06 July 2026