नई दिल्ली: थाईलैंड में एक ऐसा अविश्वसनीय वाकया सामने आया जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया. अंतिम संस्कार से ठीक पहले 65 वर्षीय महिला अचानक ताबूत के भीतर से होश में आ गईं और दस्तक देने लगीं. परिजन, जिन्हें यकीन था कि उनकी मृत्यु हो चुकी है.
दो वर्षों से बिस्तर पर पड़ी चोंथिरोट को 23 नवंबर की सुबह फित्सानुलोक प्रांत स्थित अपने घर में बेहोशी की हालत में पाया गया था. परिवार ने उनकी सांसों की सही जांच किए बिना समझ लिया कि उनका निधन हो चुका है और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी.
परिजनों ने चोंथिरोट को एक सफेद ताबूत में रखकर बैंकॉक के पास स्थित एक मंदिर की ओर 225 मील लंबी और चार घंटे की यात्रा शुरू की. यह मंदिर गरीब परिवारों के लिए मुफ्त अंतिम संस्कार और दाह संस्कार की सुविधा प्रदान करता है.
लेकिन जैसे ही अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू होने वाली थीं, अचानक ताबूत के भीतर से हल्की दस्तक सुनाई दी. परिजन ताबूत खोलते ही अवाक रह गए. चोथिरोट कांप रही थीं और अपने चेहरे पर बैठी मक्खियों को उड़ा रही थीं. जिसे देख हर कोई हैरान रह गया.
चोंथिरोट के भाई, 57 वर्षीय मोंगकोल ने बताया कि वह अपनी बहन के लिए ‘मृत्यु संबंधित सभी दस्तावेज’ पहले ही इकट्ठा कर चुके थे. उन्होंने कहा कि अपनी बहन को जीवित देखकर वह बेहद खुश थे.
मंदिर के कर्मचारी थम्मनुन ताबूत को मुख्य हॉल में ले जाने की तैयारी कर रहे थे. उन्होंने बताया कि तभी उन्हें अंदर से मदद जैसी धीमी आवाजें सुनाई दीं. उनकी तत्परता के कारण ताबूत तुरंत खोला गया और चोंथिरोट को बाहर निकाला गया.
घटना के बाद जांच में डॉक्टरों ने बताया कि चोंथिरोट की सांसें रुकी नहीं थीं. उनका ब्लड शुगर अत्यधिक कम हो गया था, और परिवार ने जांच किए बिना ही यह मान लिया था कि उनकी मृत्यु हो गई है. First Updated : Tuesday, 25 November 2025