नई दिल्लीः अमेरिका ने वेनेजुएला के समुद्री तट पर हेलीकॉप्टर से अपनी सेना के जवानों को भेजकर एक बड़े तेल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार, 10 दिसंबर को इस कार्रवाई की जानकारी दी और इसके साथ ही सरकार ने ऑपरेशन का वीडियो भी जारी किया. ट्रंप ने इस कदम को अमेरिका में ड्रग्स तस्करी और अवैध तेल शिपिंग के खिलाफ उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया. वहीं, वेनेजुएला की सरकार ने इसे ‘साफ-साफ चोरी’ करार दिया और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया.
अमेरिका ने पहले ही कैरेबियन सागर में अपनी नौसेना को बड़ी संख्या में तैनात कर रखा था. क्षेत्र में कई युद्धपोत और सैन्य जहाज मौजूद हैं. ट्रंप ने इस कार्रवाई को अमेरिका में बढ़ती ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक सख्त कदम बताया. इसके विपरीत, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इसे अमेरिकी सरकार द्वारा उनकी सरकार को बदनाम करने और तख्तापलट की कोशिश करार दिया.
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें दिखाया गया कि अमेरिकी सैनिक हेलीकॉप्टर से जहाज के डेक पर उतरते हैं और राइफलें लेकर जहाज के मुख्य पुल पर प्रवेश करते हैं. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने वेनेजुएला के तट पर एक विशाल टैंकर को जब्त कर लिया है. यह अब तक का सबसे बड़ा टैंकर है जिसे हम जब्त कर चुके हैं. और इसके साथ अन्य कार्रवाइयां भी जारी हैं.
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल ने बताया कि यह टैंकर अवैध तेल शिपिंग नेटवर्क का हिस्सा था, जिसका इस्तेमाल वेनेजुएला और ईरान से प्रतिबंधित तेल की तस्करी के लिए किया जा रहा था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह टैंकर क्यूबा की ओर जा रहा था, जिसे अमेरिकी तट रक्षक ने रोका और कब्जा किया.
वहीं, वेनेजुएला के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की इस कार्रवाई की तीव्र निंदा की है. मंत्रालय ने कहा कि यह साफ-साफ चोरी और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है. उन्होंने अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने और ऐसे एकतरफा सैन्य कदमों से दूर रहने की अपील की.
इस कार्रवाई के बाद अमेरिका और वेनेजुएला के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंध और अधिक बढ़ सकते हैं. अमेरिका का दावा है कि यह कदम अवैध तेल और ड्रग्स तस्करी को रोकने के लिए जरूरी था, जबकि वेनेजुएला इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मान रहा है. क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मुद्दे पर नज़दीकी निगरानी बनाए हुए हैं, क्योंकि इस तरह की सैन्य कार्रवाई दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को बढ़ा सकती है.
First Updated : Thursday, 11 December 2025