Axiom-4 Mission: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए प्रस्तावित Axiom-4 (Ax-4) मिशन की लॉन्चिंग एक बार फिर टाल दी गई है. यह मिशन भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अंतरिक्ष में भेजने वाला था. लॉन्चिंग 11 जून को होनी थी, लेकिन लॉन्च से ठीक पहले फाल्कन 9 रॉकेट में लिक्विड ऑक्सीजन (LOx) लीक का पता चलने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया. स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस देरी की पुष्टि की.
स्पेसएक्स द्वारा जारी बयान में कहा गया है, "कल फाल्कन 9 से होने वाली Ax-4 की लॉन्चिंग को स्थगित किया जा रहा है ताकि टीम को LOx लीक की मरम्मत के लिए अतिरिक्त समय मिल सके." कंपनी ने बताया कि नई लॉन्च तिथि मरम्मत कार्यों के पूरा होने और रेंज की उपलब्धता के अनुसार तय की जाएगी.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भी मिशन में देरी की पुष्टि की है. ISRO ने X पर लिखा, "फाल्कन 9 लॉन्च व्हीकल के बूस्टर स्टेज के प्रदर्शन को सत्यापित करने के लिए लॉन्च पैड पर 7 सेकंड की हॉट टेस्टिंग की गई. इस परीक्षण के दौरान प्रोपल्शन बे में लिक्विड ऑक्सीजन का रिसाव पाया गया."
ISRO ने आगे बताया, "Axiom और SpaceX के विशेषज्ञों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि रिसाव की मरम्मत और आवश्यक परीक्षणों के बाद ही लॉन्च की मंजूरी दी जाएगी. इसलिए 11 जून 2025 को प्रस्तावित Axiom-4 मिशन को स्थगित कर दिया गया है."
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के आधिकारिक X हैंडल से भी इस देरी की पुष्टि की गई. उन्होंने लिखा, "@NASA, @Axiom_Space और SpaceX, बुधवार 11 जून को प्रस्तावित Axiom मिशन 4 की लॉन्चिंग से पीछे हट रहे हैं."
Ax-4 मिशन Axiom Space, NASA, SpaceX और ISRO का एक संयुक्त प्रयास है, जो भारत को मानव अंतरिक्ष उड़ान में चार दशक बाद वापसी कराएगा. इससे पहले 1984 में राकेश शर्मा अंतरिक्ष में गए थे.
Ax-4 मिशन को यह चौथी बार स्थगित किया गया है. कुछ दिन पहले भी खराब मौसम के चलते मिशन टल गया था, जब लॉन्च साइट पर 45% बारिश की संभावना और तेज़ हवाएं रिपोर्ट की गई थीं. इससे पहले भी तकनीकी कारणों और रेंज उपलब्धता की वजह से तारीख आगे बढ़ाई जा चुकी है.
एक बार लॉन्चिंग सफल हो जाती है, तो Ax-4 मिशन के तहत चारों अंतरिक्ष यात्री ISS पर लगभग 14 दिन बिताएंगे. इस दौरान वे माइक्रोग्रैविटी, जीवन विज्ञान और मटेरियल साइंस जैसे विषयों पर वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे. ये प्रयोग 30 से अधिक देशों के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर किए जाएंगे. First Updated : Wednesday, 11 June 2025