एक एयरस्ट्राइक... और 40 सैनिक ढेर सूडान की जमीन पर किसकी लड़ाई लड़ रहे थे ये भाड़े के जवान?

सूडान ने अपने ही शहर दारफूर में एयरस्ट्राइक कर दी, जिसमें यूएई का विमान गिरा दिया गया और 40 कोलंबियाई भाड़े के सैनिक मारे गए. दुनिया में हलचल मच गई है.

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

International news: सूडान की सेना ने अपने ही देश में बड़ा हमला किया. दारफूर के एयरपोर्ट पर एयरस्ट्राइक करके वहां खड़े यूएई के सैन्य विमान को गिरा दिया. हमला अचानक हुआ. इस हमले में विद्रोही ग्रुप RSF को भी भारी नुकसान पहुंचा. सूडान की सरकार का दावा है कि इस कार्रवाई में उनके दुश्मनों के हथियार भी तबाह कर दिए गए. सेना ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए यह जरूरी था.

दारफूर एयरपोर्ट बना टारगेट

जिस जगह पर हमला हुआ, वह एयरपोर्ट RSF के कब्जे में था. RSF यानी रैपिड सपोर्ट फोर्सेज एक अर्धसैनिक विद्रोही संगठन है. सूडान सरकार का आरोप है कि RSF ने इस एयरपोर्ट को हथियारों और तस्करी का अड्डा बना लिया था. यहां से विदेशी मदद भी पहुंचाई जा रही थी. इसीलिए उसे मिटाना जरूरी था.

यूएई का विमान गिराया गया

हमले में यूएई का एक सैन्य विमान भी पूरी तरह से तबाह हो गया. बताया जा रहा है कि यह विमान RSF की मदद के लिए आया था. हालांकि यूएई ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. लेकिन सूडान का शक यही है कि अमीरात सरकार RSF की चुपचाप मदद कर रही थी. इसलिए यह जवाबी कार्रवाई की गई.

40 भाड़े के सैनिक मारे गए

इस हमले में 40 कोलंबिया के भाड़े पर लाए गए सैनिक मारे गए. ये सैनिक RSF के लिए लड़ने आए थे. उन्हें एक निजी सुरक्षा कंपनी के जरिए भेजा गया था. पहले से ही संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो चुकी है. कोलंबिया के राष्ट्रपति ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.

अप्रैल से जारी है लड़ाई

सूडान में सेना और RSF के बीच अप्रैल 2023 से जंग चल रही है. हजारों लोग मारे जा चुके हैं. लाखों को घर छोड़ना पड़ा है. महिलाओं के साथ अत्याचार और नरसंहार की घटनाएं भी हो रही हैं. अंतरराष्ट्रीय अदालत ICC ने भी जांच शुरू की है. हालात दिन-ब-दिन और बिगड़ते जा रहे हैं.

यूएई ने उड़ान पर लगाई रोक

हालांकि यूएई ने हमले पर कुछ नहीं कहा, लेकिन उसने सूडानी विमानों को अबूधाबी से उड़ान भरने से रोक दिया. इसका असर सीधे रिश्तों पर पड़ा है. सूडान पहले भी यूएई पर RSF को समर्थन देने का आरोप लगा चुका है. अब हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं.

अब अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ेगा

इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सूडान को घेरा जा सकता है. मानवाधिकार उल्लंघन का मामला फिर से उठेगा. दूसरी तरफ यूएई और कोलंबिया भी इस मुद्दे पर कार्रवाई कर सकते हैं. सूडान ने यह संदेश साफ कर दिया है कि वह विदेशी दखल और विद्रोहियों को बर्दाश्त नहीं करेगा.

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