नई दिल्ली: स्वीडन में एक 62 साल के शख्स पर अपनी पत्नी को पैसे के बदले दूसरे पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है। पुलिस ने फिल्मी अंदाज में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया तो पूरा इलाका हैरान रह गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने 2022 से ही पत्नी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। वो अपने फार्महाउस से एक तरह का सेक्स रैकेट चला रहा था, जहां जगह-जगह कैमरे लगे थे। पत्नी के मना करने पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
कई बार मारपीट की भी बात सामने आई है। पीड़िता ने बताया कि कुछ दिन तो ऐसे भी होते थे जब दो-दो लोग आकर उसके साथ जबरदस्ती करते थे। ये सिलसिला अक्टूबर 2025 तक चलता रहा, जब महिला ने हिम्मत करके पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी पर आरोप है कि वो पत्नी को नशीली दवाएं देता था और घर में लगे निगरानी कैमरों से उसे कंट्रोल करता था। कुछ वीडियो में यौन गतिविधियां भी रिकॉर्ड हुई हैं। पीड़िता के वकील ने कोर्ट में बताया कि आरोपी अक्सर जान से मारने, पेट्रोल डालकर जलाने और उंगलियां काटने जैसी धमकियां देता था। महिला को घर में लगे कैमरों की लोकेशन पता थी। उसने उसी का फायदा उठाकर कैमरे से बाहर वाले हिस्से से भागकर पुलिस को सूचना दी।
अदालत ने आरोपी को बलात्कार के प्रयास के एक मामले में दोषी माना। अन्य तीन आरोपों को सबूतों के अभाव में खारिज कर दिया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने पत्नी को ऑनलाइन प्रसारण करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को सर्विस देने के लिए मजबूर किया। एक बार तो उसने पड़ोसियों को भी ऑफर दे दिया था।
स्वीडिश अधिकारियों ने 120 पुरुषों की पहचान की जिन्होंने आरोपी द्वारा उपलब्ध कराई गई सेवाओं का फायदा उठाया। मुकदमा 29 लोगों पर चला। कोर्ट ने पति को 4 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को 2 लाख स्वीडिश क्रोना, यानी करीब 15,900 पाउंड मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया है।
स्वीडन के कानून के तहत ऐसे यौन हमलों को भी गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। कोर्ट ने 28 आरोपियों को यौन सेवा खरीदने का दोषी ठहराया। इनमें से दो को जेल हुई, जबकि बाकियों को निलंबित सजा या प्रोबेशन पर रिहा किया गया। First Updated : Thursday, 18 June 2026