पाकिस्तानी सेना मुझे न्योता देकर बुलाती है...पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी का बड़ा कबूलनामा
लश्कर आतंकी सैफुल्लाह कसूरी के वायरल वीडियो ने पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी दावों की पोल खोल दी है. स्कूल में भाषण, सेना से करीबी और भारत विरोधी धमकियां पाकिस्तान-सेना-आतंकी गठजोड़ को उजागर करती हैं.

नई दिल्लीः आतंकवाद को संरक्षण देने वाले पाकिस्तान की दोहरी नीति एक बार फिर बेनकाब हुई है. पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसने पाकिस्तान सरकार और सेना के आतंक के खिलाफ किए जाने वाले दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस वीडियो में कसूरी न केवल खुलेआम दिखाई दे रहा है, बल्कि वह गर्व के साथ यह दावा भी करता है कि पाकिस्तानी सेना उसे अपने शहीद सैनिकों के जनाजे की नमाज पढ़ाने के लिए बुलाती है.
आतंकवाद पर पाकिस्तान का दोहरा चेहरा
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान खुद को आतंकवाद के खिलाफ लड़ने वाला देश बताता रहा है, लेकिन सैफुल्लाह कसूरी जैसे खूंखार आतंकियों की खुली गतिविधियां इन दावों की पोल खोल देती हैं. भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों में शामिल कसूरी का यह बयान साफ दिखाता है कि पाकिस्तान में आतंकी संगठनों को किस तरह संरक्षण और समर्थन मिल रहा है. हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इसमें किए गए दावे बेहद चौंकाने वाले हैं.
स्कूल में बच्चों के सामने आतंकी भाषण
यह वीडियो कथित तौर पर पाकिस्तान के मुल्तान स्थित एक हाईस्कूल का बताया जा रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि सैफुल्लाह कसूरी बच्चों को संबोधित कर रहा है और बेझिझक पाकिस्तान सरकार व सेना से अपने रिश्तों का जिक्र कर रहा है. एक आतंकी का स्कूल में बच्चों के बीच भाषण देना इस बात का संकेत है कि वहां कट्टरपंथी सोच को किस स्तर तक सामान्य बना दिया गया है.
सैनिक के जनाजे में मौजूदगी
गौर करने वाली बात यह है कि दिसंबर में पाकिस्तान के साउथ वजीरिस्तान में एक पाकिस्तानी सैनिक के जनाजे का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें सैफुल्लाह कसूरी नमाज अदा करता दिखा था. उसी महीने उसका एक और लंबा वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह लश्कर की सभा को संबोधित कर रहा था. यह वीडियो पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग के सोशल मीडिया पेज पर साझा किया गया था, जिसे आतंकी हाफिज सईद का समर्थन प्राप्त है.
लश्कर मुख्यालय के पुनर्निर्माण का दावा
सैफुल्लाह कसूरी ने वीडियो में यह भी कहा कि भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में तबाह हुए लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय को दोबारा खड़ा करने के लिए पाकिस्तानी सरकार और सेना ने भारी आर्थिक मदद दी है. यह दावा पाकिस्तान के आतंक के खिलाफ कार्रवाई संबंधी बयानों को पूरी तरह खोखला साबित करता है.
भारत के खिलाफ खुली धमकियां
वीडियो में कसूरी भारत के खिलाफ जमकर जहर उगलता नजर आता है. वह दावा करता है कि भारत उसकी मौजूदगी से डरता है और भारतीय एजेंसियां उसके साए में जी रही हैं. उसने जम्मू-कश्मीर की नदियों और बांधों पर कब्जे की धमकी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी चेतावनी भरे शब्द कहे.
सेना और आतंकियों का गठजोड़ उजागर
यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर साबित करता है कि पाकिस्तान में सेना और आतंकी संगठनों के बीच गहरा गठजोड़ है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि 26 निर्दोष लोगों की जान लेने वाले आतंकी को स्कूल में बच्चों के सामने बोलने का मंच दिया गया. जहां बच्चों को शिक्षा और भविष्य की दिशा मिलनी चाहिए, वहां उन्हें नफरत और हिंसा का पाठ पढ़ाया जा रहा है.


