Indians kidnapped in Mali: माली के कायेस क्षेत्र में स्थित डायमंड सीमेंट फैक्ट्री पर हुए एक सुनियोजित हमले में तीन भारतीय नागरिकों का अपहरण कर लिया गया. यह हमला अल-कायदा से जुड़े प्रतिबंधित आतंकी संगठन के आतंकियों ने अंजाम दिया. इस हमले के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे हिंसा का घृणित कृत्य बताया और माली सरकार से भारतीयों की सुरक्षित और शीघ्र रिहाई की मांग की है.
गुरुवार को अधिकारियों द्वारा इस घटना की पुष्टि की गई. बताया गया कि हमले के दौरान भारी हथियारों से लैस हमलावरों ने फैक्ट्री परिसर पर हमला बोला और वहां काम कर रहे भारतीय मजदूरों को जबरन बंधक बना लिया. माली में सक्रिय आतंकी संगठन जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन (JNIM) को इस हमले का जिम्मेदार माना जा रहा है.
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, माली के पश्चिमी हिस्से में स्थित कायेस इलाके की डायमंड सीमेंट फैक्ट्री में भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने अचानक धावा बोला. फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों पर हमला कर तीन भारतीयों को बंदूक की नोक पर अगवा कर लिया गया.
JNIM नामक संगठन, जो अल-कायदा से संबद्ध है, इस क्षेत्र में पहले भी कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दे चुका है और अब इस अपहरण के पीछे भी उसी का हाथ माना जा रहा है.
भारत सरकार ने इस घटना को लेकर माली सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "यह घटना 1 जुलाई को घटी, जब एक सुसंगठित समूह ने फैक्ट्री पर हमला कर तीन भारतीय नागरिकों को बंधक बना लिया. भारत सरकार इस घटना की कड़ी निंदा करती है और माली सरकार से अपील करती है कि वह हमारे नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए."
बमाको स्थित भारतीय दूतावास इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और माली प्रशासन, स्थानीय पुलिस और डायमंड सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन से लगातार संपर्क में है. अगवा भारतीयों के परिवारों को भी लगातार अपडेट दिया जा रहा है.
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, "मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और हर स्तर पर प्रयासरत हैं ताकि भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित रिहा कराया जा सके."
घटना के बाद MEA ने माली में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने, अत्यधिक सावधानी बरतने और दूतावास से नियमित संपर्क में रहने की सलाह दी है. मंत्रालय ने आश्वासन दिया कि, "भारत सरकार अपहृत नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी." First Updated : Thursday, 03 July 2025