Gaza peace summit: मिस्र के लाल सागर के तटीय शहर शारम अल-शेख में एक कार दुर्घटना में कतर के तीन डिप्लोमैटों की मृत्यु हो गई और दो अन्य घायल हो गए. यह घटना उस समय घटी जब शहर में सोमवार को होने वाले एक बड़े वैश्विक शांति सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर थीं, जिसका लक्ष्य गाजा संघर्ष को समाप्त करना और क्षेत्रीय शांति स्थापित करना है.
हादसे की संवेदनशीलता इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि यह दुर्घटना उसी सप्ताह आई है जब मिस्र और अमेरिका की अगुवाई में आयोजित होने जा रहे सम्मेलन में दुनिया के कई नेताओं और प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद थी. सम्मेलन का आयोजन गाजा में युद्धविराम तथा दीर्घकालिक शांति की दिशा में ठोस कदमों पर सहमति बनाने के इरादे से किया जा रहा है, इसलिए किसी भी प्रकार की सुरक्षा या कूटनीतिक घटना का व्यापक प्रभाव पड़ सकता है.
अभी स्पष्ट नहीं है कि दुर्घटना में मारे गए लोग किस कतरियाई प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे, विशेषकर उस दल का, जिसने मिस्र के अधिकारियों के साथ मिलकर हाल ही में इजराइल और हमास के बीच ट्रम्प की गाजा योजना के पहले चरण पर सहमति बनाने में भूमिका निभाई थी या नहीं. दोनों देशों के बीच हुई उस समझौते में मध्यस्थता में कतर की भागीदारी की खबरें पहले भी आई थीं, पर अब तक इसके सीधे संबंधों की पुष्टि नहीं हुई है.
आगामी सम्मेलन की सह-अध्यक्षता मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फताह अल-सीसी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प करेंगे. आधिकारिक बयान के अनुसार, इस मंच पर 20 से अधिक देशों के नेता भाग लेंगे. सम्मलेन का प्राथमिक उद्देश्य गाजा में युद्ध को समाप्त करने, मध्य-पूर्व में स्थिरता और सुरक्षा प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने तथा क्षेत्रीय नेताओं के बीच विश्वास बहाली के लिए रास्ते तैयार करना है. यह पहल ट्रंप की क्षेत्रीय शांति की व्यापक रणनीति से जुड़ी मानी जा रही है.
इससे पहले, अमेरिकी अध्यक्ष ने घोषणा की थी कि इजराइल और हमास ने गाजा योजना के पहले चरण पर सहमति जताई है. यह 29 सितंबर को प्रस्तुत 20-बिंदु प्रस्ताव का वह हिस्सा है जिसका उद्देश्य अस्थायी युद्धविराम, बंधकों की रिहाई और फिलिस्तीनी कैदियों के मुक्त होने के आधार पर इजरायली बलों की क्रमिक वापसी सुनिश्चित करना है. उक्त पहले चरण को स्थानीय समयानुसार शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से लागू कर दिया गया था.
योजना के दूसरे चरण में गाजा में नई प्रशासनिक व्यवस्था की स्थापना, स्थानीय सुरक्षा कर्मचारियों का प्रशिक्षण तथा अरब और इस्लामिक देशों के सैन्य सहयोग से एक संरचित सुरक्षा बल की रचना पर फोकस रखा गया है. इसके अलावा हमास के हथियारों के निरस्तीकरण और दीर्घकालिक शांति-रक्षा प्रक्रिया को लागू करने के उपाय भी शामिल हैं. ये कदम जमीनी स्तर पर स्थिरता लाने और वैकल्पिक राजनीतिक व्यवस्थाओं का निर्माण करने की दिशा में माने जा रहे हैं. First Updated : Sunday, 12 October 2025