फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आरोप लगाया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष के बीच मध्यस्थता कर शांति समझौते की पेशकश की थी. हालांकि, ट्रंप ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें जी7 सम्मेलन बीच में अकेले लौटना पड़ा और इसका शांति प्रस्ताव से कोई लेना-देना नहीं था.
ट्रंप ने अपने बयान में मज़ाकिया अंदाज में कहा कि जो कुछ उन्होंने किया वह “किसी सू-फायर (ceasefire) से कहीं बड़ा था” और आगे सुनने समझने के लिए “Stay Tuned!” होने का संदेश छोड़ा.
“मैक्रों की बातें बेसब्री पर आधारित”
जी7 समिट के दौरान मैक्रों ने पत्रकारों से कहा कि वास्तव में एक प्रस्ताव आया था कि मिलने और विचार-विमर्श करने का अवसर मिले. खासकर एक संघर्षविराम के लिए, ताकि आगे व्यापक चर्चा शुरू हो सके. इसके जवाब में ट्रंप ने ट्वीट कर लिखा,“मुझे जी7 से लौटना पड़ा, लेकिन उसका कारण संघर्षविराम नहीं था. जो कुछ हुआ वह उससे भी ‘बड़ा’ था!”उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि असली वजह क्या थी, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक बुलाने का संकेत दिया.
ईरान-इज़राइल संघर्ष पांचवें दिन भी थमने का नाम नहीं ले रहा. इजरायली हमलों में अब तक इज़राइल में कम से कम 24 नागरिकों की मौत, जबकि ईरान में 224 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. इन हमलों में मिसाइल और ड्रोन से मुख्य रूप से सैन्य आधारों, मिसाइल भंडारों और परमाणु संस्थानों को टारगेट किया गया, लेकिन हिट residential इलाकों में भी हुआ.
अमेरिका के मध्य पूर्व विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश कार्यालय के आब्बास अराघची के बीच संभावित मुलाकात की खबरें भी आई हैं, ताकि नाभिकीय समझौते और संघर्षविराम पर बात हो सके. हालांकि, इन खबरों का अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है.
अपने अचानक लौटने के बाद ट्रंप ने व्हाइट हाउस की “सिचुएशन रूम” में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक बुला ली. वहीं, ईरानी मीडिया ने मंगलवार तड़के तेहरान में तीन अलग-अलग जगहों पर इज़राइल के प्रोजेक्टाइल हमले की खबर दी, जहां से धुएं के गुब्बारे उठते देखे गए. First Updated : Tuesday, 17 June 2025