'कभी भी खत्म हो जाएगी दुनिया', परमाणु हथियारों के खतरे को लेकर ट्रंप की चेतावनी, बताया पर्यावरण संकट से भी बड़ा खतरा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु हथियारों के खतरे को पर्यावरण संकट से भी बड़ा बताया. उन्होंने कहा कि इसका उपयोग एक दिन में दुनिया का विनाश कर सकता है. उन्होंने यूक्रेन युद्ध को लेकर वोलोदिमीर जेलेंस्की को एहसानफरामोश बताया और बाइडन प्रशासन पर अमेरिकी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया. साथ ही, ट्रंप ने कहा कि अगर वो राष्ट्रपति होते तो यूक्रेन युद्ध, हमास हमला और अफगानिस्तान से अपमानजनक सेना वापसी नहीं होती.

Simran Sachdeva

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व को परमाणु हथियारों के संभावित खतरे को लेकर सचेत किया है. उन्होंने इसे किसी भी अन्य संकट से ज्यादा भयानक बताते हुए कहा है कि ये पर्यावरणीय बदलाव से भी ज्यादा गंभीर है. ट्रंप ने आगाह किया कि अगर परमाणु हथियारों का इस्तेमाल हुआ तो ये एक ही दिन में पूरे विश्व का विनाश कर सकता है. वहीं, ट्रंप का कहना हैं कि ये दिन शायद कल भी हो सकता हैं.

उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि पर्यावरण में हो रहे बदलावों के कारण अगले 300 सालों में समुद्र का जलस्तर केवल एक इंच के आठवें हिस्से तक बढ़ेगा, लेकिन परमाणु हथियारों से एक ही दिन में पूरी दुनिया तबाह हो सकती है. उन्होंने ये भी कहा कि ये खतरा निकट भविष्य में कभी भी आ सकता है.

खतरे की अनदेखी पर ट्रंप की नाराजगी

डोनाल्ड ट्रंप ने उन लोगों की आलोचना की जो पर्यावरणीय संकट को दुनिया का सबसे बड़ा खतरा मानते हैं, लेकिन परमाणु हथियारों के बढ़ते खतरे की अनदेखी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर कभी इन घातक हथियारों का इस्तेमाल हुआ, तो इसके परिणाम विनाशकारी होंगे और पूरी दुनिया को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. यूक्रेन युद्ध पर बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने वहां के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को एहसानफरामोश बता दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन को 350 अरब डॉलर की सहायता दी, जबकि यूरोपीय देशों ने केवल 100 अरब डॉलर दिए. इसके बावजूद जेलेंस्की अमेरिका के प्रति कृतज्ञता नहीं दिखा रहे हैं

यहीं नहीं रुके ट्रंप, उन्होंनेृ बाइडन सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके प्रशासन ने अमेरिका के धन का दुरुपयोग किया है. उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जेलेस्की को धन उसी तरह दिया गया, जैसे कि किसी बच्चे को बार-बार कैंडी दी जाती हो. 

बाइडन सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार

ट्रंप ने बाइडन सरकार की विदेश नीति को लेकर भी तीखी आलोचना की।.उन्होंने कहा कि अगर वो राष्ट्रपति होते, तो यूक्रेन युद्ध ही नहीं होता. इसके साथ ही, इजरायल पर हमास का हमला भी नहीं होता और अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी अपमानजनक तरीके से नहीं होती.आगे कहा कि मौजूदा सरकार वैश्विक संकटों को संभालने में पूरी तरह विफल रही है. उन्होंने ईरान को लेकर भी बयान दिया और कहा कि ये देश अब आर्थिक रूप से कमजोर हो चुका है और अपने खर्च पूरे करने में असमर्थ है. इसी कारण वो अब हमास और हिज़बुल्लाह जैसे संगठनों को धन नहीं दे पा रहा है.

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