अमेरिका-ईरान वार्ता पर अनिश्चितता गहराई, अगले दौर की बातचीत को लेकर सस्पेंस कायम
ईरान ने अमेरिका के साथ अगली बातचीत की तारीख तय करने से इनकार कर दिया है. उसने पहले समझौते का ढांचा तय करने की बात कही है, जिससे दोनों देशों के बीच जारी वार्ता पर अनिश्चितता बढ़ गई है.

अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक खींचतान के बीच एक बार फिर बातचीत को लेकर अनिश्चितता गहराती नजर आ रही है. जहां एक तरफ दोनों देश तनाव कम करने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वार्ता की दिशा और समय को लेकर अब भी साफ तस्वीर सामने नहीं आ पाई है. इसी बीच ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह का एक ताजा बयान भी सामने आया है.
सईद खतीबजादेह ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका के साथ अगले दौर की बातचीत के लिए अभी तक कोई तारीख निर्धारित नहीं की गई है. उनका कहना है कि जब तक दोनों देशों के बीच एक ठोस और स्पष्ट ढांचा तैयार नहीं हो जाता, तब तक किसी नई बैठक का कोई मतलब नहीं है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्दबाजी में की गई बातचीत अक्सर बेनतीजा रहती है, इसलिए ईरान इस बार पहले से ज्यादा सावधानी बरतना चाहता है.
इस्लामाबाद वार्ता रही बेनतीजा
खतीबजादेह का यह बयान उस समय आया है, जब हाल ही में इस्लामाबाद में हुई उच्चस्तरीय वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई थी. यह बातचीत ईरानी क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच सबसे महत्वपूर्ण आमने-सामने की बैठकों में से एक मानी जा रही थी. हालांकि, इस बैठक में किसी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी, जिससे यह साफ हो गया कि दोनों देशों के बीच अब भी कई बड़े मुद्दों पर मतभेद कायम हैं.
“पहले तय होगा ढांचा, फिर होगी बातचीत”
तुर्की के अंताल्या में आयोजित एक कूटनीतिक मंच के दौरान खतीबजादेह ने कहा कि ईरान फिलहाल बातचीत के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने पर ध्यान दे रहा है. उन्होंने कहा कि तेहरान किसी ऐसी बैठक का हिस्सा नहीं बनना चाहता, जिसका नतीजा पहले से ही असफलता की ओर जाता हो. उनके अनुसार, बिना स्पष्ट रूपरेखा के बातचीत शुरू करना केवल तनाव को और बढ़ा सकता है.
शुरुआती प्रगति के बावजूद रुकी बातचीत
ईरानी उप विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि पहले दौर की बातचीत में कुछ हद तक प्रगति जरूर हुई थी. लेकिन बाद में अमेरिकी पक्ष के सख्त रुख के कारण यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी. उन्होंने इशारा किया कि कानूनी और रणनीतिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच अब भी गहरी असहमति है, जो किसी भी समझौते के रास्ते में बड़ी बाधा बनी हुई है.
ट्रंप के दावों पर बनी असमंजस की स्थिति
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए थे कि जल्द ही अगली बैठक हो सकती है और बातचीत आगे बढ़ेगी. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि इस्लामाबाद में ही एक और दौर आयोजित किया जा सकता है. हालांकि, ईरानी अधिकारियों और अन्य सूत्रों ने इन संभावनाओं पर संदेह जताया है. उनका कहना है कि पिछले दौर के अनिर्णायक नतीजों और आपसी सहमति की कमी के कारण अभी किसी नई बैठक की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी.


