डील के बेहद करीब अमेरिका और ईरान अराघची के दावे पर ट्रंप की मुहर

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीदें बढ़ गई हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों ने संकेत दिए हैं कि वार्ता अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. हालांकि, समझौते की कथित शर्तों के लीक होने पर विवाद भी बढ़ा है, जबकि दोनों पक्षों का कहना है कि आधिकारिक घोषणा से पहले अटकलों से बचना चाहिए.

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नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से जारी तनावपूर्ण गतिरोध के बीच दोनों देशों के बीच संभावित समझौते की उम्मीदें और मजबूत होती दिखाई दे रही हैं. शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया कि दोनों पक्ष किसी समझौते तक पहुंचने के बेहद करीब हैं. उनके इस बयान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सकारात्मक संकेत दिए, जिससे कूटनीतिक प्रयासों को नई गति मिली है.

अराघची ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और अब तक की बातचीत अपने सबसे निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी वार्ताओं के बाद ऐसा पहली बार लग रहा है कि किसी ठोस नतीजे तक पहुंचा जा सकता है.

ईरानी विदेश मंत्री के इस बयान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया. ट्रंप की इस प्रतिक्रिया को दोनों देशों के बीच जारी वार्ताओं के प्रति सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है. इससे यह संदेश गया कि मतभेदों के बावजूद बातचीत आगे बढ़ रही है और समझौते की संभावना पहले की तुलना में अधिक मजबूत हो गई है.

ट्रंप ने क्या कहा? 

इससे एक दिन पहले ट्रंप ने भी कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत अच्छे नतीजे की ओर बढ़ रही है. उन्होंने विश्वास जताया था कि समझौते का अधिकांश हिस्सा तय हो चुका है और अब केवल कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं तथा दस्तावेजी कार्य पूरा किया जाना बाकी है. ट्रंप के अनुसार, यदि सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो आने वाले दिनों में समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है.

हालांकि, समझौते की संभावित शर्तों को लेकर कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं. इस बीच अराघची ने मीडिया और विश्लेषकों से अपील की कि आधिकारिक घोषणा होने तक समझौते की सामग्री को लेकर अनुमान लगाने से बचा जाए. उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक रूप से साझा की जाएंगी.

विवाद तब बढ़ा जब ईरानी मीडिया में प्रस्तावित समझौते से जुड़े कथित 14 सूत्रीय मसौदे की जानकारी सामने आई. इस पर ट्रंप ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मीडिया में प्रसारित की जा रही कई बातें वास्तविक सहमति से मेल नहीं खातीं. उनका कहना था कि सार्वजनिक की गई सूचनाएं वार्ता के दौरान तय हुई शर्तों का सही प्रतिनिधित्व नहीं करतीं.

विशेषज्ञों का क्या मानना है? 

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक संपन्न हो जाता है, तो इससे पश्चिम एशिया में पिछले तीन महीनों से जारी तनाव कम हो सकता है. साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बने सुरक्षा संकट और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ रहे दबाव में भी राहत मिलने की संभावना है. First Updated : Friday, 12 June 2026

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