3 युद्धपोत, 2500 मरीन्स... अमेरिका ने ईरान की और भेजे नए जहाज, क्या बड़े हमले की है तैयारी?

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने तीन युद्धपोत और 2,500 मरीन तैनात किए हैं. वहीं, ईरान ने लंबा युद्ध जारी रखने के संकेत दिए और अमेरिका-इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष अब और गंभीर होता नजर आ रहा है. एक ओर जहां अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी तेजी से बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान भी लगातार आक्रामक बयान दे रहा है. इन हालात ने साफ संकेत दे दिए हैं कि यह टकराव अभी जल्द खत्म होने वाला नहीं है, बल्कि आने वाले समय में और तेज हो सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने मध्य पूर्व की ओर अपने तीन और युद्धपोत भेजे हैं. 

इन जहाजों के साथ करीब 2,500 मरीन सैनिक भी तैनात किए जा रहे हैं. बताया गया है कि यूएसएस बॉक्सर समेत अन्य उभयचर युद्धपोत सैन डिएगो से रवाना हो चुके हैं. हालांकि, इन जहाजों का सटीक गंतव्य सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन यह कदम साफ तौर पर क्षेत्र में बढ़ते तनाव के जवाब के रूप में देखा जा रहा है.

क्यों बढ़ रही है सैन्य गतिविधि

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल के दिनों में हमलों और तीखी बयानबाजी में तेजी आई है. इस कारण पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह तैनाती संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत जवाब दिया जा सके.

ईरान के सख्त संकेत

दूसरी ओर, ईरान के सैन्य अधिकारियों ने भी युद्ध को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि देश की जनता लंबा संघर्ष चाहती है और यह लड़ाई तब तक जारी रहनी चाहिए जब तक विरोधी पूरी तरह कमजोर न हो जाए. हालांकि, इसी बयान के कुछ समय बाद उस अधिकारी की एक हवाई हमले में मौत की खबर भी सामने आई, जिसने हालात को और संवेदनशील बना दिया है.

हथियार उत्पादन पर दावा

ईरान ने यह भी दावा किया है कि वह युद्ध के दौरान भी अपने हथियारों का उत्पादन जारी रखे हुए है. उनका कहना है कि मिसाइल निर्माण में कोई बड़ी बाधा नहीं आई है. यह बयान उन दावों के उलट है, जिनमें कहा गया था कि ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर हो गई है. तेहरान ने ऐसे सभी दावों को खारिज कर दिया है.

इजरायल और ईरान के दावे आमने-सामने

इजरायल की ओर से कहा गया था कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचा है और उसका मिसाइल उत्पादन लगभग रुक गया है. लेकिन ईरान ने इन सभी बातों को गलत बताते हुए अपनी ताकत बरकरार होने का दावा किया है. इस तरह दोनों देशों के बीच दावों और जवाबों का सिलसिला जारी है.

वैश्विक स्तर पर बढ़ी धमकियां

ईरान की ओर से अब बयानबाजी और भी तेज हो गई है. उसके सैन्य प्रवक्ता ने अमेरिका और इजरायल के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने यहां तक कहा कि दुनिया भर के पर्यटन स्थल और सार्वजनिक स्थान भी अब उनके लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे, जिससे इस संघर्ष के दायरे के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. 

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