US vs Iran: नहीं थम रहे हवाई हमले, लगातार 10वीं रात बरसे बम, क्या अब छिड़ेगी बड़ी जंग?
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा बहाल करने के लिए लगातार 10वीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया.

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिकी सेना ने लगातार 10वीं रात ईरान के अलग-अलग सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए. अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवाजाही बहाल करना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है. दूसरी ओर, ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं.
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तेज हुई कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ताजा हमले ईरान के उन सैन्य ठिकानों पर किए गए हैं जिनका इस्तेमाल व्यापारिक जहाजों पर हमलों के लिए किया जा रहा था. इससे पहले भी अमेरिका मिसाइल लॉन्च साइट, एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड सेंटर और तटीय निगरानी ठिकानों को निशाना बना चुका है.
अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद सख्त रुख
हाल ही में जॉर्डन और इराक में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि यदि ईरान किसी अमेरिकी सैनिक की जान लेता है तो उसे इसकी "कई गुना बड़ी कीमत" चुकानी होगी. ट्रंप शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए डोवर एयर फोर्स बेस भी पहुंचे.
ईरान के हमलों से सहयोगी देश भी प्रभावित
ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों कुवैत, जॉर्डन और बहरीन पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए. जॉर्डन ने कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया, जबकि बहरीन ने अपने हवाई यातायात को निशाना बनाए जाने की निंदा की. वहीं, ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों पर भी हमला हुआ, जिनमें से एक में आग लग गई.
तेल बाजार पर बढ़ा दबाव
संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप होने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. ब्रेंट क्रूड 88 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत भी बढ़ी है. यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के रास्ते सऊदी अरब के तेल परिवहन को रोकने की धमकी देकर चिंता और बढ़ा दी है.
कूटनीतिक प्रयास भी जारी
सैन्य कार्रवाई तेज है, लेकिन बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं. ईरान के गृह मंत्री पाकिस्तान पहुंचे हैं, जहां प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत शीर्ष नेताओं के साथ वार्ता हो रही है. पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है.
वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यदि ईरान गंभीरता से बातचीत के लिए आगे आता है तो अमेरिका अब भी कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है. फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं.


