एंजाइटी के लिए छुट्टी मांगने पर मिला ऐसा जवाब, Gen Z कर्मचारी ने बॉस थमाया इस्तीफा

एक Gen Z कर्मचारी ने जब एंग्जायटी और मानसिक तनाव के कारण अपने मैनेजर से एक दिन की छुट्टी मांगी, तो बात इतनी बढ़ गई कि कुछ ही मिनटों में कर्मचारी ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

नई दिल्ली: वर्कप्लेस कल्चर, मेंटल हेल्थ और नई पीढ़ी के काम करने के तरीके को लेकर एक बार फिर इंटरनेट पर तीखी बहस छिड़ गई है. एक Gen Z कर्मचारी ने जब एंग्जायटी और मानसिक तनाव के कारण अपने मैनेजर से एक दिन की छुट्टी मांगी, तो बात इतनी बढ़ गई कि कुछ ही मिनटों में कर्मचारी ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया. अभिषेक अग्रवाल नामक यूजर ने इस पूरी बातचीत का व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट लिंक्डइन पर शेयर करते हुए लिखा, Gen Z वर्कप्लेस कल्चर को चुनौती दे रहे हैं. मैं सोच रहा हूं कि उस 22 सेकेंड की कॉल पर आखिर क्या बात हुई होगी?

व्हाट्सएप चैट में क्या हुआ?

शेयर किए गए स्क्रीनशॉट के मुताबिक, कर्मचारी ने दोपहर के समय अपने मैनेजर को संदेश भेजकर ऑफिस न आ पाने के लिए माफी मांगी. उसने ईमानदारी से लिखा कि वह एंग्जायटी से जूझ रहा है और उसका बिस्तर से उठने का भी मन नहीं हो रहा है, इसलिए उसकी छुट्टी मंजूर की जाए. मैनेजर ने इस अनुरोध को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'अस्वीकार्य' बताया. मैनेजर का कहना था कि दिन के बीच में इस तरह छुट्टी की सूचना देना गैर-पेशेवर तरीका है. इस पर कर्मचारी ने जवाब दिया कि अपनी मानसिक स्थिति के बारे में सच बोलने के लिए वह शर्मिंदा है. इसके तुरंत बाद उसने अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि यह उसका आखिरी वर्किंग डे होगा.

FNF और एक्सपीरियंस लेटर रोकने की धमकी

मामला तब और गंभीर हो गया जब मैनेजर ने उसे गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी. मैनेजर ने कहा कि इस फैसले से उसका फुल एंड फाइनल सेटलमेंट और एक्सपीरियंस लेटर में दिक्कत होगी. उसे भगोड़ा घोषित किया जा सकता है। कर्मचारी ने पीछे हटने से इनकार करते हुए मैनेजर पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया. उसने स्पष्ट कहा कि वह ऐसे कार्यस्थल पर काम नहीं करना चाहता जहां सहकर्मियों से ऐसा व्यवहार किया जाता हो. उसने यह भी जोड़ दिया कि अब उसे अपने FNF या एक्सपीरियंस लेटर की कोई परवाह नहीं है.

सोशल मीडिया पर दो हिस्सों में बंटे लोग

इस घटना के वायरल होने के बाद ऑनलाइन यूजर्स के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कई लोगों का मानना है कि मैनेजर को धमकियां देने के बजाय मामले को शांति से सुलझाना चाहिए था. मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाना जरूरी है. कुछ यूजर्स ने कहा कि अचानक दोपहर में छुट्टी मांगना भी पूरी तरह सही नहीं था. पेशेवर संवाद का ध्यान दोनों पक्षों को रखना चाहिए। कई लोगों ने इसे केवल Gen Z की समस्या के रूप में देखने का विरोध किया और कहा कि युवा कर्मचारी भी पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करते हैं.
 

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