Venezuela vs America: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है. गुरुवार को वेनेजुएला के दो F-16 लड़ाकू विमानों ने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस जेसन डनहम के ऊपर से उड़ान भरकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. यह जहाज ट्रंप प्रशासन के आदेश पर हाल ही में कैरीबियन क्षेत्र में तैनात किया गया है.
अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस कार्रवाई को वेनेजुएला का शक्ति प्रदर्शन बताया है. जेसन डनहम एक गाइडेड मिसाइल विध्वंसक है, जो हाल के दिनों में वहां भेजे गए अमेरिकी नौसैनिक बेड़े का हिस्सा है. पेंटागन का कहना है कि इन जहाजों की तैनाती का उद्देश्य अपराध syndicates और ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर रोक लगाना है.
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और वेनेजुएला के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव चरम पर है. ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त होने और ड्रग कार्टेल से सांठगांठ करने का आरोप लगाया है. अमेरिका ने मादुरो की गिरफ्तारी के लिए इनाम बढ़ाकर 50 मिलियन डॉलर कर दिया है.
दूसरी ओर, वेनेजुएला सरकार ने अमेरिका के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है. मादुरो ने अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती को आपराधिक और खतरनाक कदम बताते हुए अपने तटीय इलाकों में ड्रोन और गश्ती जहाजों की तैनाती बढ़ा दी है. विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप की वेनेजुएला नीति स्पष्ट न होने के बावजूद, इस क्षेत्र में सैन्य टकराव का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है.
तनाव को और गहरा करने वाली घटना मंगलवार को सामने आई, जब अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने एक नाव को निशाना बनाया. इस नाव में 11 लोग सवार थे, जो हमले में मारे गए. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह नाव वेनेजुएला से ड्रग्स लेकर अमेरिका की ओर जा रही थी. विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आरोप लगाया कि मारे गए लोग कुख्यात वेनेजुएलन गिरोह Tren de Aragua से जुड़े थे.
कुल मिलाकर, कैरीबियन सागर में हालिया घटनाओं ने अमेरिका और वेनेजुएला के बीच टकराव की आशंकाओं को और हवा दे दी है. अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियां और वेनेजुएला की जवाबी रणनीति इस बात की ओर इशारा करती है कि आने वाले दिनों में हालात और तनावपूर्ण हो सकते हैं. First Updated : Friday, 05 September 2025