Ukrainian Refugee Stabbed: चार्लोटे के लिंक्स ब्लू लाइन पर एक दुखद घटना सामने आई, जहां एक 23 वर्षीय यूक्रेनी शरणार्थी, इरीना जरुत्स्का को एक ट्रेन में एक हमलावर ने बेरहमी से चाकू से हमला कर दिया. इरीना, जो एक पिज़्ज़ेरिया में काम करती थी. वह अपनी यूनिफॉर्म पहने हुए ट्रेन में सवार थी और अपने फोन चला रही थी. उसे अंदाजा भी नहीं था कि उसके पास एक खतरनाक व्यक्ति मौजूद था.
चाकू निकालकर तीन बार हमला किया
बता दें कि जैसे ही इरीना ट्रेन में बैठी और अपने फोन में व्यस्त थी, 34 वर्षीय डेकार्लोस ब्राउनजूनियर ने अचानक एक चाकू निकाला और इरीना को तीन बार चाकू मारा, जिनमें से एक बार उसके गले में भी हमला हुआ. यह सब कुछ चंद सेकंड्स में हुआ, और इरीना खून से लथपथ होकर सीट पर गिर पड़ी. सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि ब्राउन ने अपना स्वेटशर्ट उतार लिया और दरवाजे के पास खड़ा हो गया, जबकि यात्रियों ने खून गिरते देखा. बाद में पुलिस ने उसे अगली स्टेशन पर पकड़ लिया.
पुलिस ने डेकार्लोस को गिरफ्तार कर लिया
पुलिस ने घटनास्थल पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और डेकार्लोस ब्राउन जूनियर को पकड़ लिया. यह पाया गया कि वह एक पूर्व अपराधी था, जिनकी आपराधिक गतिविधियाँ 2011 से चली आ रही थीं. उसके खिलाफ पहले भी हथियारों से लूट और धमकी देने जैसे आरोप थे. ब्राउन को अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया था, जहां उसकी हाथ की चोट का इलाज किया गया. फिर उसे हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया.
खबरों से सुरक्षा पर सवाल
यह घटना चार्लोटे के सार्वजनिक परिवहन प्रणाली पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठा रही है. हालांकि, ट्रेन पर सुरक्षा गार्ड थे, वे घटना के समय दूसरे कोच में थे. पुलिस छह मिनट के अंदर घटनास्थल पर पहुंच गई, लेकिन तब तक इरीना की मौत हो चुकी थी. इस हमले ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक नई बहस को जन्म दिया है.
सार्वजनिक सुरक्षा की बढ़ती चिंता
चार्लोटे एरिया ट्रांजिट सिस्टम (CATS) ने सुरक्षा की स्थिति को सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं. सितंबर 2 को हुई बैठक में अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने एक मुख्य सुरक्षा अधिकारी को नियुक्त किया है और सुरक्षा बजट को तीन गुना कर दिया है. इसके अलावा, पुराने कैमरों को नए और बेहतर तकनीकी कैमरों से बदलने की योजना बनाई है. आगामी 22 सितंबर को, शहर काउंसिल पुलिस गश्ती दल की संख्या बढ़ाने पर विचार करेगा.
परिवार ने शुरू किया गोफंडमी अभियान
इरीना जरुत्स्का के परिवार ने एक गोफंडमी अभियान शुरू किया, जिसके जरिए अब तक $38,000 से अधिक की राशि जुटाई जा चुकी है. अभियान में बताया गया कि इरीना यूक्रेन में युद्ध से बचने के लिए अमेरिका आई थी और एक नया जीवन शुरू करने की उम्मीद रखती थी, लेकिन उसकी जिंदगी असमय समाप्त हो गई. परिवार की ओर से यह बताया गया कि वह एक बहुत ही शांतिपूर्ण और मेहनती लड़की थी, जिसे उम्मीद थी कि अमेरिका में उसे शांति और सुरक्षा मिलेगी.
मूल कारणों की जांच
पुलिस इस हत्याकांड के कारणों की जांच कर रही है, हालांकि अभी तक किसी स्पष्ट कारण का पता नहीं चल पाया है. अब तक यह एक अकारण हमला प्रतीत हो रहा है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है.
First Updated : Sunday, 07 September 2025