नई दिल्ली: वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास हुई स्पीडबोट दुर्घटना में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत के एक दिन बाद पुलिस ने नाव के कैप्टन को हिरासत में ले लिया है। हादसे में सवार 32 भारतीयों में से ज्यादातर एक कंपनी की रिवॉर्ड ट्रिप पर गए थे।
वियतनामी सरकारी मीडिया के अनुसार रविवार को 57 वर्षीय कैप्टन गुयेन होंग हाई को हिरासत में लिया गया। उनसे जलमार्ग सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर पूछताछ की जा रही है।
शनिवार दोपहर फू क्वोक के पास होन मे रुट न्गोई द्वीप से निकलने के कुछ देर बाद ही स्पीडबोट किनारे से आधे किलोमीटर दूर पलट गई थी। नाव में 32 भारतीय पर्यटक और 4 वियतनामी क्रू सदस्य सवार थे।
मृतक सभी भारतीय स्मार्टफोन कंपनी लावा इंटरनेशनल के कर्मचारी, वितरक और खुदरा पार्टनर थे। कंपनी ने बताया कि मरने वालों में 14 चैनल पार्टनर और 1 कर्मचारी शामिल है। इस ग्रुप में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल के लोग थे।
हनोई स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक 16 बचे हुए लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और वे भारत लौट रहे हैं। एक घायल की हालत अब भी गंभीर है। पीड़ितों के शव सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद हो ची मिन्ह सिटी से भारत भेजे जाएंगे।
दूतावास ने बताया कि मृतकों में 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरल के थे।
PM नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया और परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वियतनाम में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं और हर संभव मदद दे रहे हैं।
आंध्र प्रदेश के गुंटूर के लावा वितरक आशीष कुमार भी इस ट्रिप में थे। उन्होंने बताया कि ग्रुप तीन बैच में बंटा था। पहली नाव निकल चुकी थी, बाकी दो किनारे के पास ही थीं तभी ये नाव अचानक पलट गई। "नाव किनारे के बहुत करीब थी। हम चिल्लाए मदद-मद। पास की नावें आईं लेकिन तब तक कई लोग पानी में गिर चुके थे," कुमार ने कहा।
स्थानीय नाव ऑपरेटर हा वान लोक ने बताया कि दोपहर करीब 12:40 बजे उन्होंने पलटी नाव देखी। कई लोग नाव से चिपके थे और कुछ बिना लाइफ जैकेट के पानी में थे। उन्होंने रस्सी से बंधे लाइफ बॉय फेंककर 4 लोगों की जान बचाई। बचाव में करीब एक दर्जन नावें लगीं। लेकिन 3 मीटर तक ऊंची लहरों और खराब मौसम की वजह से दिक्कत हुई।
बाद में जेट स्की से बचे लोगों को किनारे लाया गया। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने को कहा गया था, पर कई लोगों ने उसे हाथ में पकड़ रखा था। कुछ यात्री नाव के अंदर फंस गए और खिड़की तोड़कर बाहर निकले। First Updated : Sunday, 12 July 2026