डाटा कंपनी नुबियो ने अपनी रिपोर्ट में 2025 के लिए दुनिया के सबसे महंगे और सस्ते शहरों की लिस्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में कुल 327 शहरों का समावेश किया गया है, जिसमें भारत, पाकिस्तान और मिस्र के शहरों को सबसे सस्ते शहरों के रूप में स्थान मिला है. इस लिस्ट के अनुसार, भारत का कोयंबटूर दुनिया का सबसे सस्ता शहर है, जबकि स्विट्जरलैंड का ज्यूरिख सबसे महंगा शहर बनकर उभरा है. रिपोर्ट में शहरों की जीवन यापन की लागत, जैसे घर का किराया, खाना और क्रय शक्ति को शामिल किया गया है और न्यूयॉर्क को इसके लिए मानक के रूप में लिया गया है.
इस रिपोर्ट का उद्देश्य उन लोगों के लिए है जो दुनिया के प्रमुख शहरों में नौकरी या व्यापार के लिए जाने का विचार कर रहे हैं. नुबियो ने दुनियाभर के शहरों में जीवनयापन की लागत का तुलनात्मक अध्ययन किया है, ताकि लोग अपनी यात्रा या स्थायीत्व को लेकर सही फैसला ले सकें.
नुबियो द्वारा जारी की गई लिस्ट में दुनिया के सबसे महंगे शहर स्विट्जरलैंड से हैं. ज्यूरिख, लॉजेन और जिनेवा स्विट्जरलैंड के ऐसे शहर हैं जो दुनिया में टॉप 3 सबसे महंगे शहरों में आते हैं. इसके बाद अमेरिका का न्यूयॉर्क चौथे स्थान पर है. वहीं, स्विट्जरलैंड के बाजेल और बर्न क्रमशः पांचवे और छठे स्थान पर हैं. अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को और होनोलूलू सातवें और आठवें स्थान पर हैं. आइसलैंड का रेकजाविक और अमेरिका का बोस्टन भी इस सूची में शामिल हैं. सिंगापुर, वॉशिंगटन और लंदन भी इस लिस्ट में टॉप 20 में अपनी जगह बनाए हुए हैं.
इस लिस्ट में सबसे सस्ता शहर भारत का कोयंबटूर है, जो 327वें नंबर पर है. इसके बाद मिस्र का अलेक्जेंड्रिया और पाकिस्तान का लाहौर आते हैं. लाहौर और कराची को ज्यूरिख के मुकाबले 85 प्रतिशत सस्ता बताया गया है. इस सूची में भारत के कई अन्य शहर भी शामिल हैं, जैसे लखनऊ (323वां स्थान), जयपुर (322वां स्थान), सूरत (321वां स्थान), और कोच्चि (320वां स्थान). इसके अलावा भुवनेश्वर (319वां), कोलकाता (318वां), वडोदरा (316वां), और चंडीगढ़ (315वां) भी इस लिस्ट में शामिल हैं. भारत के प्रमुख महानगर जैसे मुंबई (286वां), दिल्ली (301वां), नोएडा (303वां), और हैदराबाद (309वां) इस लिस्ट में थोड़ा ऊपर हैं, लेकिन फिर भी ये दुनिया के कुछ अन्य महंगे शहरों की तुलना में काफी सस्ते हैं.
इस सूची में देखा गया है कि स्विट्जरलैंड, अमेरिका और आइसलैंड के शहरों में जीवनयापन की लागत अन्य देशों के मुकाबले बहुत अधिक है. वहीं, भारत, पाकिस्तान और मिस्र जैसे देशों के शहरों में रहने और खाने की लागत बहुत कम है, जो इन शहरों को बहुत सस्ते बनाते हैं. ये अंतर महंगाई, आवास की कीमतों, खानपान, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर निर्भर करता है. First Updated : Wednesday, 19 February 2025