क्या अब अमेरिका में जन्म लेने पर भी नागरिकता नहीं मिलेगी? ट्रंप के आदेश ने भारतीयों की बढ़ाई चिंता
डोनाल्ड ट्रंप के आदेश से भारतीय H-1B वीजा धारकों के अमेरिका में जन्मे बच्चों की नागरिकता पर संकट मंडराने लगा है, जिससे प्रवासी दंपतियों में चिंता बढ़ गई है. कुछ माता-पिता नागरिकता सुरक्षित करने के लिए समय से पहले C-section पर विचार कर रहे हैं, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों ने इसे अनुचित बताया है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश ने भारतीय प्रवासियों को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें अस्थायी वीजा धारकों के बच्चों को जन्मजात नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) देने पर रोक लगाने की बात कही गई है. हालांकि, यह आदेश कानूनी चुनौती के चलते फिलहाल रुका हुआ है, लेकिन अमेरिका में भारतीय दंपतियों के लिए ये गंभीर चिंता का विषय बन गया है.
H-1B वीजा धारकों पर सबसे ज्यादा असर
H-1B वीजा पर अमेरिका में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए ये आदेश भारी झटका है. कई लोगों को उम्मीद थी कि उनके अमेरिका में जन्मे बच्चों को स्वतः नागरिकता मिल जाएगी, लेकिन इस आदेश से उनकी योजनाओं पर पानी फिरता दिख रहा है. सैन जोस, कैलिफोर्निया में रहने वाले भारतीय इंजीनियर अक्षय पिसे ने बताया कि यह आदेश हमें सीधे प्रभावित करता है. अगर यह लागू होता है, तो हमें नहीं पता कि आगे क्या होगा. यह बिल्कुल अनिश्चित स्थिति है. उनकी पत्नी नेहा सतपुते इसी महीने बच्चे को जन्म देने वाली हैं.
बच्चे की नागरिकता के लिए सी-सेक्शन कराने का डर
कई रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ दंपति अपने बच्चे की नागरिकता सुरक्षित करने के लिए समय से पहले सिजेरियन डिलीवरी (C-section) कराने पर विचार कर रहे हैं. हालांकि, अमेरिकी-भारतीय मूल के डॉक्टरों के संगठन AAPI के अध्यक्ष सतीश कथुला ने इसे गलत बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका में कड़े चिकित्सा कानून हैं, मैं केवल नागरिकता के लिए समय से पहले सर्जरी कराने की सलाह नहीं दूंगा.
भारतीय प्रवासियों के मन में सवाल
सैन जोस की रहने वाली प्रियंशी जाजू, जो अप्रैल में मां बनने वाली हैं, उन्होंने चिंता जताई, "क्या हमें अपने बच्चे के पासपोर्ट के लिए भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क करना होगा? कौन सा वीजा लागू होगा? इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. न्यूयॉर्क स्थित इमिग्रेशन अटॉर्नी सायरस मेहता ने बताया कि अमेरिकी कानून में ऐसे बच्चों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है. यदि जन्मजात नागरिकता समाप्त होती है, तो H-1B वीजा धारकों के बच्चों का कानूनी दर्जा संकट में आ सकता है.
भारतियों के लिए ग्रीन कार्ड की लंबी प्रतीक्षा
अमेरिका में भारतीयों का प्रवास दूसरा सबसे बड़ा प्रवासी समूह है और इस आदेश का सबसे बड़ा असर इन्हीं पर पड़ सकता है. अमेरिका में 5 मिलियन (50 लाख) से अधिक भारतीय अस्थायी वीजा पर हैं और यदि यह आदेश लागू होता है, तो उनके अमेरिका में जन्मे बच्चों को नागरिकता नहीं मिलेगी. इमिग्रेशन नीति विशेषज्ञ स्नेहा पुरी के अनुसार, "भारतीय प्रवासियों को अमेरिका में सबसे लंबा ग्रीन कार्ड बैकलॉग झेलना पड़ता है. मौजूदा नियमों के तहत किसी भी देश को 7% से अधिक ग्रीन कार्ड नहीं मिल सकते, जबकि हर साल H-1B वीजा पाने वालों में 72% भारतीय होते हैं. इससे बैकलॉग 1.1 मिलियन (11 लाख) तक पहुंच गया है.


