इस्लामाबाद में वार्ता टूटते ही शी जिनपिंग ने अमेरिका-ईरान युद्ध रोकने के लिए बनाया 4 सूत्री प्लान, जानिए क्या है चीन का मास्टरप्लान!

पाकिस्तान द्वारा अमेरिका-ईरान युद्धविराम वार्ता असफल होने के बाद चीन ने मध्य पूर्व में स्थायी शांति के लिए चार सूत्रीय रोडमैप पेश किया है. यह प्रस्ताव अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ हुए बैठक के दौरान सामने आया है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम वार्ता के विफल होने के कुछ दिनों बाद मध्य पूर्व में स्थायी शांति के लिए चार सूत्रीय रोडमैप पेश किया है. यह प्रस्ताव अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक के दौरान दिया गया है. 

चार सूत्रीय शांति प्रस्ताव

  1. क्षेत्रीय शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का सिद्धांत बनाए रखना
  2. हर देश की राष्ट्रीय संप्रभुता का पूरा सम्मान करना
  3. विकास और सुरक्षा के बीच समन्वय स्थापित करना
  4. अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था की रक्षा करना

अमेरिका-इजरायल की नीति पर तीखी टिप्पणी

शी जिनपिंग ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून को “जब जरूरत हो तब इस्तेमाल करो, जब नहीं हो तब त्याग दो” वाली नीति नहीं चल सकती. उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया को जंगल के कानून की ओर नहीं लौटने देना चाहिए. उनकी यह टिप्पणी व्यापक रूप से अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे युद्ध की अप्रत्यक्ष आलोचना के रूप में देखी जा रही है.

पाकिस्तान वार्ता की नाकामी के बाद प्रस्ताव

यह चार सूत्रीय प्रस्ताव पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के पूरी तरह विफल होने के कुछ दिन बाद आया है. उस वार्ता में दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका था. 

होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता तनाव

वर्तमान में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को कुछ जहाजों के लिए बंद कर रखा है. अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी है. इससे खाड़ी देशों का तेल निर्यात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. ईरान ने UAE समेत कई देशों की ऊर्जा सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी किए हैं.

अमेरिका-चीन के बीच बढ़ रहा तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर चीन ईरान को गुप्त रूप से हथियार सप्लाई करता पाया गया तो चीन पर 50 प्रतिशत तक भारी टैरिफ लगाया जाएगा. इसके बावजूद एक चीनी चालक दल वाला टैंकर हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा है. 

शी जिनपिंग ने अपना प्रस्ताव ऐसे समय में पेश किया है जब अगले महीने बीजिंग में उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होने की संभावना है. मानना है कि चीन मध्य पूर्व में अपनी कूटनीतिक भूमिका बढ़ाना चाहता है और अमेरिका के एकतरफा रुख की आलोचना कर रहा है. 

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो