क्या सोते-सोते घट सकता है वजन? जानिए नींद में कैसे बर्न हो सकती है कैलोरी

सोते समय शरीर पूरी तरह निष्क्रिय नहीं होता, बल्कि ऊर्जा खर्च करता रहता है. एक व्यक्ति आठ घंटे की नींद में लगभग 350-400 कैलोरी बर्न कर सकता है. मेटाबॉलिज्म, मसल मास और नींद की गुणवत्ता इसमें अहम भूमिका निभाते हैं.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: अक्सर लोग सोचते हैं कि जैसे ही हम बिस्तर पर जाते हैं, शरीर पूरी तरह आराम की स्थिति में चला जाता है और कैलोरी जलना बंद हो जाती है. लेकिन हकीकत इससे अलग है. जब हम सो रहे होते हैं, तब भी हमारा शरीर कई जरूरी काम करता रहता है, जैसे सांस लेना, दिल का धड़कना, कोशिकाओं की मरम्मत और दिमाग की गतिविधियां. इन सभी प्रक्रियाओं में ऊर्जा खर्च होती है. यानी नींद के दौरान भी शरीर कैलोरी का उपयोग करता है.

एक सामान्य वयस्क व्यक्ति आठ घंटे की नींद के दौरान लगभग 350 से 400 कैलोरी तक खर्च कर सकता है. यह संख्या हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है. जिन लोगों का मसल मास ज्यादा होता है या जिनका मेटाबॉलिज्म तेज होता है, वे 450 से 500 कैलोरी तक भी बर्न कर सकते हैं. इसका मतलब यह है कि शरीर आराम की अवस्था में भी ऊर्जा का इस्तेमाल करता रहता है. हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि नींद में खर्च होने वाली कैलोरी आपकी कुल शारीरिक गतिविधियों का एक हिस्सा भर है. पूरे दिन की एक्टिविटी, खानपान और जीवनशैली भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं.

किन बातों पर निर्भर करता है कैलोरी बर्न?

सोते समय कितनी कैलोरी खर्च होगी, यह कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे शरीर का वजन, मेटाबॉलिज्म की गति, मसल्स की मात्रा, नींद की गुणवत्ता और दिनभर की शारीरिक गतिविधि. अगर आपका शरीर सक्रिय है और मसल्स मजबूत हैं, तो आराम के समय भी ऊर्जा खर्च ज्यादा होगी.

कैसे बढ़ा सकते हैं नींद में कैलोरी बर्न?

सही खानपान रखें- यह जरूरी नहीं कि रात 8 बजे के बाद खाना खाने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है. असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आप क्या खा रहे हैं. हल्का और संतुलित भोजन लेने से शरीर बेहतर तरीके से काम करता है.

नियमित व्यायाम करें- रोजाना एक्सरसाइज करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है. खासकर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या मसल्स बढ़ाने वाले वर्कआउट से आराम के समय भी ज्यादा कैलोरी खर्च होती है.

कैफीन से बचें- सोने से पहले चाय, कॉफी या अन्य कैफीन वाली चीजें लेने से नींद प्रभावित हो सकती है. अच्छी नींद नहीं होगी तो शरीर की ऊर्जा खर्च करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है.

सोने- जागने का समय तय करें- हर दिन एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें. इससे शरीर की आंतरिक घड़ी संतुलित रहती है और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है.

स्क्रीन टाइम कम करें- सोने से पहले मोबाइल, टीवी या कंप्यूटर का उपयोग कम करें. इनसे निकलने वाली रोशनी नींद की लय को बिगाड़ सकती है.

क्या नींद में फैट भी बर्न होता है?

जब शरीर नींद में कैलोरी खर्च करता है, तो ऊर्जा का स्रोत कभी फैट हो सकता है तो कभी कार्बोहाइड्रेट. यह इस बात पर निर्भर करता है कि दिनभर आपने क्या खाया और कितनी गतिविधि की. कुल मिलाकर, बेहतर मसल मास, संतुलित आहार और अच्छी नींद वजन नियंत्रण में अहम भूमिका निभाते हैं.

नींद केवल आराम का समय नहीं है, बल्कि शरीर के लिए मरम्मत और संतुलन का समय भी है. सही जीवनशैली अपनाकर आप नींद के दौरान भी अपने शरीर को बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकते हैं. हालांकि सिर्फ सोने से वजन कम नहीं होगा, लेकिन अच्छी नींद स्वस्थ जीवन का एक मजबूत आधार जरूर है.

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