नई दिल्ली: सर्दियों के मौसम में घने, मजबूत और चमकदार बाल हर किसी की चाहत होते हैं, लेकिन हकीकत अक्सर इसके उलट होती है. ठंडी हवाएं और कम नमी स्कैल्प को रूखा बना देती हैं, जिससे बालों से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती हैं. खासकर डैंड्रफ और खुजली इस मौसम की सबसे आम परेशानी बन जाती है.
ज्यादातर लोग सर्दियों में शरीर को तो गर्म कपड़ों से ढक लेते हैं, लेकिन सिर की त्वचा यानी स्कैल्प की देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं. नतीजा यह होता है कि स्कैल्प सूखने लगती है, सफेद परतें झड़ने लगती हैं और बालों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है.
सर्दियों में डैंड्रफ बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है बालों को पर्याप्त रूप से साफ न करना. ठंड के कारण लोग हेयर वॉश कम कर देते हैं, जिससे स्कैल्प में तेल और गंदगी जमा होने लगती है. यही स्थिति डैंड्रफ पैदा करने वाले फंगस को पनपने का मौका देती है.
मालासेजिया नाम का फंगस मृत त्वचा और जमा तेल पर तेजी से बढ़ता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, एक-दो दिन का अंतर ठीक है, लेकिन हफ्ते भर तक बाल न धोना समस्या को गंभीर बना सकता है. डॉक्टर हर दूसरे दिन माइल्ड या एंटी-डैंड्रफ शैंपू इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं.
बहुत ज्यादा स्ट्रॉन्ग या अल्कोहल-बेस्ड हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी डैंड्रफ को बढ़ावा देता है. ऐसे प्रोडक्ट्स स्कैल्प की प्राकृतिक नमी छीन लेते हैं, जिससे जलन, सूजन और खुजली बढ़ जाती है.
स्ट्रेस का सीधा असर स्कैल्प की सेहत पर पड़ता है. तनाव बढ़ने से शरीर में कोर्टिसोल लेवल बढ़ता है, जो स्कैल्प में सूजन पैदा करता है. यही कारण है कि छुट्टियों में समस्या कम लगती है, लेकिन रोजमर्रा की भागदौड़ शुरू होते ही डैंड्रफ लौट आता है.
स्कैल्प में खुजली होने पर बार-बार खरोंचना स्थिति को और खराब कर सकता है. इससे त्वचा ज्यादा संवेदनशील हो जाती है और डैंड्रफ बढ़ने लगता है. स्कैल्प की देखभाल चेहरे की त्वचा की तरह हल्के और नाजुक तरीके से करनी चाहिए.
डैंड्रफ केवल बालों की समस्या नहीं, बल्कि एक स्किन कंडीशन है, जो अक्सर सेबोरिक डर्मेटाइटिस से जुड़ी होती है. गलत हेयर केयर, खराब खानपान और असंतुलित लाइफस्टाइल इसे बढ़ा सकते हैं. अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है.
First Updated : Monday, 15 December 2025