ठंड में पानी कम पीना सेहत पर भारी, किडनी-लिवर को पहुंच सकता है गंभीर नुकसान
सर्दियों में कम पानी पीना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. भले ही प्यास न लगे, लेकिन शरीर के सही कामकाज और अंदरूनी सफाई के लिए सर्दियों में भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीना उतना ही जरूरी होता है जितना गर्मियों में.

सर्दियों के मौसम में अक्सर लोगों को प्यास कम लगती है. ठंड के कारण शरीर बार-बार पानी की मांग नहीं करता, जिस वजह से कई लोग पूरे दिन में सिर्फ एक-दो गिलास पानी पीकर ही संतुष्ट हो जाते हैं. लेकिन यह आदत सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है. भले ही प्यास न लगे, लेकिन शरीर के सही कामकाज और अंदरूनी सफाई के लिए सर्दियों में भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीना उतना ही जरूरी होता है जितना गर्मियों में.
दिनभर में लगभग 2.5 से 3 लीटर पानी पीना जरूर
विशेषज्ञों के अनुसार एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को दिनभर में लगभग 2.5 से 3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए. अगर ठंड में सादा ठंडा पानी पीना मुश्किल लगता है तो गुनगुना पानी एक बेहतर विकल्प हो सकता है. इसके अलावा नारियल पानी, मौसमी फलों के ताजे जूस, सब्जियों का रस और घर पर बने सूप भी शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं. ये न सिर्फ शरीर को हाइड्रेट रखते हैं बल्कि जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं.
पानी की कमी का सबसे ज्यादा असर किडनी पर पड़ता है. किडनी हमारे शरीर का फिल्टर है, जो खून से गंदे तत्वों को छानकर यूरिन के जरिए बाहर निकालती है. जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो किडनी ठीक से विषैले पदार्थ बाहर नहीं निकाल पाती. इससे किडनी में पथरी बनने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा पेशाब में जलन, संक्रमण और बार-बार यूरिन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय तक कम पानी पीने की आदत किडनी की कार्यक्षमता को कमजोर कर सकती है.
लिवर पर नकारात्मक प्रभाव
लिवर पर भी पानी की कमी का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. लिवर का मुख्य काम भोजन को पचाने में मदद करना और शरीर से जहरीले तत्वों को बाहर निकालना होता है. इसके लिए पानी बेहद जरूरी है. जब शरीर में पानी कम होता है तो विषैले तत्व लिवर में जमा होने लगते हैं, जिससे उस पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. खून गाढ़ा हो जाता है और लिवर को अपना काम करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इसका नतीजा थकान, सूजन और ऊर्जा की कमी के रूप में सामने आ सकता है.
पाचन संबंधी समस्याएं
सर्दियों में पाचन संबंधी समस्याएं भी आम हो जाती हैं. ठंड के मौसम में लोग अक्सर तला-भुना और भारी भोजन ज्यादा खाते हैं. ऐसे भोजन को पचाने के लिए पर्याप्त पानी जरूरी होता है. अगर पानी कम पिया जाए तो पेट ठीक से साफ नहीं हो पाता, जिससे कब्ज, गैस और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं होने लगती हैं. इसलिए सर्दियों में भी नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना सेहत के लिए बेहद जरूरी है.


