Diabetes: डायबिटीज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जो दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही है. इसे लाइलाज बीमारी माना जाता है क्योंकि इसे पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता, केवल नियंत्रित किया जा सकता है. डायबिटीज के मरीजों में खून में शुगर का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाता है. हाल ही में एक नई रिसर्च में यह खुलासा हुआ है कि कमर की साइज से इस बात का पता लगाया जा सकता है कि किसी व्यक्ति को डायबिटीज का खतरा है या नहीं. आइए जानते हैं इस शोध के प्रमुख निष्कर्ष और इसे रोकने के उपाय.
यह रिसर्च चीन के नॉर्थन जियांग्सू पीपल्स हॉस्पिटल में की गई थी. इसमें 3,151 महिलाओं और 3,473 पुरुषों को शामिल किया गया, जो डायबिटीज के मरीज थे. इस स्टडी का मुख्य उद्देश्य डायबिटीज के रोगियों की सर्वाइवल रेट और कमर के साइज के बीच संबंध को समझना था.
रिसर्च के नतीजों में पाया गया कि जिन महिलाओं की कमर की साइज 107 सेंटीमीटर या उससे कम थी, उनका डेथ रेट कम पाया गया. रिसर्च टीम ने यह भी बताया कि डायबिटीज रोगी अगर अपने वजन और कमर के साइज को नियंत्रित रखें, तो न केवल बीमारी पर काबू पाया जा सकता है बल्कि मृत्यु दर भी घटाई जा सकती है.
संतुलित आहार लें: डाइट से अतिरिक्त कैलोरी को हटाएं और फाइबर युक्त आहार शामिल करें.
नींबू पानी और शहद का सेवन: सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पिएं.
मेथी के बीजों का पानी: मेथी के बीजों का पानी फैट घटाने में मदद करता है.
नियमित व्यायाम: क्रंचेस, प्लैंक और साइड प्लैंक जैसे एक्सरसाइज करें.
मीठी चीजों से दूरी: चीनी और उससे बने पदार्थों का सेवन कम करें.
रिसर्च टीम का मानना है कि डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए कमर की साइज को मेंटेन करना बेहद जरूरी है. डायबिटीज के मरीज अगर अपने वजन और कमर की साइज को नियंत्रित रखें, तो बीमारी और मौत दोनों को मात दे सकते हैं.
Disclaimer: ये आर्टिकल मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. JBT इसकी पुष्टि नहीं करता. First Updated : Saturday, 25 January 2025