करोना से भी खतरनाक वायरस की दस्तक! बेंगलुरु में सामने आया पहला केस
बेंगलुरु में इबोला का मामला सामने आया है। एक महिला में इसके लक्षण दिखाई देने के बाद क्वारंटीन कर दिया गया है। यह वायरस करोना से कई गुना ज्यादा खतरनाक है। मामला सामने आने के बाद इसकी गहनात से जांच की जा रही है। देश के सभी एयरपोर्टस पर खास निगरानी की जा रही है ताकि इसकी रोकथाम तुरंत की जा सके। अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है और उन्हें निर्देश दिए गए हैं ऐसे किसी भी संदिग्ध मरीज को तुरंत क्वारंटीन किया जाए।

अफ्रीकी देशों में कोहराम मचाने के बाद अब इबोला ने भारत में भी दस्तक दी है। एक रिपोर्ट के अनुसार युंगाडा से भारत आई एक महिला में इबोला वारयस जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दिए हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी सामने आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक महिला को फिलहाल क्वारंटीन कर दिया है।
कितना खतनाक है इबोला वायरस
आपको बता दें कि इबोला वायरस करोना वायर से कई गुना ज्यादा खतरनाक है इसके लक्षण दिखने के दिखने के बाद अगर मरीज को तुरंत इलाज नहीं मिला या फिर इसकी पहचान जल्द से जल्द नहीं हुई तो फिर मरीज का बचना नामुमकिन हो जाता है। अगर मृत्यु दर की बात करें तो यह करोना से कई गुना ज्यादा खतरनाक है। आपको यह भी बता दें कि ड्रेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिणी सूडान जैसे देशों में इस वायरस की वजह से अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अब तक हजार से ज्यादा मामला सामने आए हैं। इस वायरस को इसलीए भी ज्यादा खतरनाक माना जाता है कि इसे संक्रमित मामलों में मृत्यु दर 50 से 90 प्रतिशत तक पहुंच जाता है।
इबोला कैसे फैलता है?
इबोला बेहद तेजी से फैलता है। इसकी वजह से गंभीर रक्तस्राव, हेमोरेजिक बुखार यहां तक कई अंगर खराब हो सकते हैं। यह वायरस संक्रमित इंसान के खून, लार, पसीना आदी के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। अभी पूरी दुनिया में इसका कोई टीका या दवा नहीं है और यही वजह है कि यह इतना जानलेवा है।
अलर्ट पर भारत
इबोला की स्थिति को देखते हुए सरकार ने पहले ही इन देशों में गैरजरूरी यात्रा ना करने की सलाह दी है। खुद स्वास्थ्य मंत्री जय प्रकाश नड्डा ने इसको लेकर एक स्पेशल बैठक की थी। बैठक में भारत में मौजूदा तैयारियों की समीक्षा भी कई गई थी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने भी एयरलाइंस को अलर्ट और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित देशों से आने या वहां से ट्रांजिट करने वाले यात्रियों से अनिवार्य रुप से सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरवाना जरूरी कर दी गई है। DGCA ने इसको लेकर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी जारी किया है।
कांगों में इबोला से कोहराम
कांगों में इबोला से स्थिति भयावह है और वहां पर WHO ने इमरजेंसी घोषित कर दी है। लगातार निगरानी के करने के बाद भी WHO के अनुसार यहां पर 900 से ज्यादा मामलों की पहचान हुई है। इबोला का केंद्र इटुरी प्रांत है जहां पर पहले से ही करीब 50 लाख लोग हिंसक संघर्ष में फंसे हुए थे और यही वजह है कि शुरुआती दौर में मामले की पहचान करना मुश्किल हो गया और यहां पर स्थिति विस्फोटक हो गई। कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार तीन प्रांत ज्यादा प्रभावित हैं और इस वायरस के कारण 204 लोगों की मौत हो चुकी है। WHO ने 16 मई को बुंडिबुग्यो इबोला वायरस स्ट्रेन के कारण फैले इस प्रकोप को 'अंतरराष्ट्रीय चिंता स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित किया था।


