ट्रंप का 3 घंटे लंबा मेडिकल चेकअप: राष्ट्रपति ने कहा 'सब परफेक्ट है', लोगों ने पूछे सवाल!
यह उनके दूसरे कार्यकाल का चौथा सार्वजनिक मेडिकल एग्जाम था। व्हाइट हाउस ने इसे रूटीन वार्षिक चेक-अप बताया है, हालांकि पूरी मेडिकल रिपोर्ट अभी जारी नहीं की गई है।

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में तीन घंटे से ज्यादा समय तक चले हेल्थ चेक-अप के बाद अपनी सेहत को "बिल्कुल परफेक्ट" बताया। जांच के बाद ट्रंप ने कहा, "सब कुछ पूरी तरह ठीक निकला।"
यह उनके दूसरे कार्यकाल का चौथा सार्वजनिक मेडिकल एग्जाम था। व्हाइट हाउस ने इसे रूटीन वार्षिक चेक-अप बताया है, हालांकि पूरी मेडिकल रिपोर्ट अभी जारी नहीं की गई है। प्रशासन का कहना है कि डिटेल रिपोर्ट एक-दो दिन में सार्वजनिक कर दी जाएगी।
उम्र और बीमारी को लेकर पहले से उठ रहे सवाल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अगले महीने 80 साल के होने जा रहे ट्रंप अमेरिकी इतिहास के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपतियों में से एक हैं। उनकी फिटनेस को लेकर अमेरिका में पहले से बहस चल रही है।
पिछले साल यह जानकारी सामने आई थी कि ट्रंप "क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी" से पीड़ित हैं। इस बीमारी में नसों में खून जमा होने लगता है जिससे पैरों में सूजन आ जाती है। हाल के महीनों में उनके सूजे हुए टखनों और पैरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं।
हाथों के नीले निशानों पर सफाई
ट्रंप के हाथों पर दिखे नीले निशानों और सूजन को लेकर भी अटकलें लगती रही हैं। इस पर व्हाइट हाउस ने सफाई दी थी कि लगातार लोगों से हाथ मिलाने और एस्पिरिन लेने की वजह से ऐसे निशान दिखे।
ट्रंप पर कुछ बैठकों और कार्यक्रमों में झपकी लेने के आरोप भी लगे, लेकिन उन्होंने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। ट्रंप बार-बार कहते हैं कि उनकी ऊर्जा कई युवा नेताओं से भी ज्यादा है।
सर्वे में आधी जनता को फिटनेस पर शक
वॉशिंगटन पोस्ट-एबीसी न्यूज-इप्सोस के हालिया पोल ने ट्रंप की सेहत पर बहस और तेज कर दी है। सर्वे के मुताबिक अमेरिका के आधे से भी कम लोग मानते हैं कि ट्रंप मानसिक और शारीरिक रूप से राष्ट्रपति पद के लिए पूरी तरह फिट हैं। इसी तरह के सवाल पहले पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की उम्र और सेहत को लेकर भी उठते रहे थे।
विशेषज्ञों ने मांगी पूरी पारदर्शिता
गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय के पब्लिक हेल्थ प्रोफेसर एस. जे. ओलशांस्की ने कहा कि राष्ट्रपति की सेहत को लेकर पारदर्शिता बहुत जरूरी है। उनका मानना है कि सबसे अच्छा तरीका यही होगा कि पूरी मेडिकल रिपोर्ट बिना किसी कटौती के सार्वजनिक की जाए, ताकि दूसरे विशेषज्ञ भी उसकी समीक्षा कर सकें। फिलहाल व्हाइट हाउस ने रिपोर्ट जल्द जारी करने का भरोसा दिया है।


