Love Bite Health Risk: प्यार जताने का एक आम तरीका माने जाने वाले लव बाइट या हिक्की को अक्सर लोग हल्के में लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटा-सा निशान आपकी सेहत पर बड़ा असर डाल सकता है? विशेषज्ञों का कहना है कि लव बाइट सिर्फ एक रोमांटिक निशान नहीं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा कर सकता है जिनमें सबसे खतरनाक है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा.
हिक्की को आमतौर पर एक मासूम सा प्यार का इजहार माना जाता है, लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स ने चेताया है कि गर्दन पर लव बाइट देने से खून का थक्का बन सकता है या पहले से बना थक्का अपनी जगह से हट सकता है, जिससे मस्तिष्क तक पहुंचकर स्ट्रोक का कारण बन सकता है. आइए जानते हैं लव बाइट से जुड़ी अहम स्वास्थ्य जानकारियां और इससे जुड़ी संभावित जटिलताएं.
हिक्की यानी लव बाइट, त्वचा पर तब बनता है जब किसी हिस्से को तीव्रता से चूसा या काटा जाता है. इससे उस जगह की सतही ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाएं) फट जाती हैं और खून त्वचा की सतह के नीचे जम जाता है, जिससे लाल, नीले या बैंगनी रंग का निशान उभर आता है. मेडिकल शब्दों में इसे एक्चिमोसिस, हेमेटोमा, पेटीचिया या एरिथेमा जैसे नामों से जाना जाता है. हालांकि ये निशान कुछ दिनों में सामान्य रूप से गायब हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये स्वास्थ्य के लिए खतरनाक भी साबित हो सकते हैं.
1. कैरोटिड साइनस रिफ्लेक्स एक्टिवेशन
एक्सपर्ट्स के अनुसार, "गर्दन के पास नर्व सेल्स का एक समूह होता है जिसे कैरोटिड साइनस कहा जाता है. जब इस जगह पर तेज दबाव डाला जाता है, जैसे कि हिक्की के दौरान, तो ये सेल्स एक्टिवेट हो जाते हैं और हृदय गति या ब्लड प्रेशर को कम कर सकते हैं. इससे चक्कर, बेहोशी या गिरने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं."
2. मस्तिष्क में स्ट्रोक का खतरा
एक्सपर्ट्स बताते हैं, "अगर किसी की गर्दन में पहले से ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) है, तो लव बाइट के कारण वह थक्का हटकर दिमाग तक पहुंच सकता है और स्ट्रोक का कारण बन सकता है. यह स्थिति बहुत गंभीर है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए."
3. ब्लड वेसल्स फटना और ब्लीडिंग
तीव्र प्रेशर के चलते ब्लड वेसल्स की दीवारें फट सकती हैं, जिससे खून का बहाव और नया थक्का बन सकता है. यदि व्यक्ति पहले से संवेदनशील है या ब्लड थिनर ले रहा है, तो स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है.
2011 में न्यूजीलैंड की एक महिला को लव बाइट के बाद लकवा (पैरालिसिस) हो गया था. मेडिकल जांच में सामने आया कि उसके दिमाग में खून का थक्का था, जिसे स्ट्रोक का कारण माना गया. डेनमार्क में भी एक 35 वर्षीय महिला को हिक्की के 12 घंटे बाद स्ट्रोक हुआ और उसके शरीर के दाहिने हिस्से में कमजोरी आ गई.
एक्सपर्ट्स के अनुसार, हिक्की से स्ट्रोक होने की संभावना बहुत कम है, लेकिन यह असंभव नहीं है. गर्दन में मौजूद कैरोटिड आर्टरी, जो मस्तिष्क को खून पहुंचाती है, यदि अधिक दबाव में आती है तो खून का थक्का बन सकता है या पहले से बना थक्का सिर की ओर बढ़ सकता है. इससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
Healthline के अनुसार, अगर हिक्की का निशान लंबे समय तक न जाए, उसमें दर्द हो, गांठ बन जाए या शरीर पर एक से ज्यादा जगह हिक्की जैसे निशान दिखें तो यह किसी मेडिकल कंडिशन का संकेत हो सकता है जैसे कि-
थ्रोम्बोसाइटोपेनिया
फंगल या जीवाणु संक्रमण
टीबी
सारकॉइडोसिस
सूजन आंत की बीमारी (Inflammatory Bowel Disease)
पहले दिन: लाल रंग का निशान
2-5 दिन: नीला-बैंगनी या काला
5-10 दिन: हरा या पीला
10-14 दिन: भूरा या हल्का पीला
सही देखभाल करने पर हिक्की आमतौर पर 2 हफ्तों में गायब हो जाती है.
शुरुआती 48 घंटे तक बर्फ की सिकाई करें (15 मिनट के अंतर पर)
दो दिन बाद गर्म सिकाई शुरू करें (दिन में 4 बार)
चम्मच को फ्रीजर में ठंडा करके उससे भी राहत मिल सकती है
दर्द ज्यादा हो तो डॉक्टर की सलाह से पेनकिलर लें
मेकअप, स्कार्फ, हाई कॉलर शर्ट से हिक्की को छिपाया जा सकता है
Disclaimer: ये आर्टिकल मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता है. First Updated : Saturday, 12 July 2025