नई दिल्ली: आजकल लोग नाश्ते में हेल्दी चीजों को प्राथमिकता देने लगे हैं. जहां एक समय सुबह का नाश्ता अक्सर छोड़ा जाता था या फिर समोसा-जलेबी जैसी तली चीजें खाई जाती थीं, वहीं अब फल, ड्राई फ्रूट्स, बीज और अंडे नाश्ते की प्लेट में आम हो चुके हैं. फिटनेस का प्रति बढ़ती जागरूकता ने लोगों को प्रोटीन युक्त नाश्ते की ओर तेजी से आकर्षित किया है.
ऐसे में ब्रेड-ऑमलेट कई लोगों की पसंद बन चुका है. लेकिन जो लोग अभी तक इसे अपनी डेली डाइट में शामिल नहीं कर पाए हैं, उनके लिए इसके फायदे और सावधानियों को समझना जरूरी है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सही तरीके से बनाया गया ब्रेड-ऑमलेट शरीर के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है.
पोर्शन साइज और कुकिंग स्टाइल है सबसे अहम न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, रोजाना नाश्ते में ऑमलेट खाना शरीर के लिए हेल्दी हो सकता है, लेकिन इसमें आपका पोर्शन साइज और बनाने का तरीका निर्भर करेगा. उन्होंने कहा कि ऑयल की मात्रा, किस प्रकार की ब्रेड का इस्तेमाल और कितने अंडे उपयोग किए जा रहे हैं .ये सभी बातें ऑमलेट के न्यूट्रिशन को बदल देती हैं.
21 दिन तक लगातार खाएं तो मिल सकते हैं फायदे विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि 21 दिनों तक नाश्ते में ब्रेड-ऑमलेट लिया जाए, तो यह शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. हालांकि इसके लिए सही ब्रेड लेना बेहद महत्वपूर्ण है.
व्हाइट ब्रेड: ज्यादा प्रोसेस्ड, फाइबर कम, जल्दी पचने वाली और शुगर को तेजी से बढ़ाने वाली.
उब्रान ब्रेड: तभी हेल्दी जब वास्तव में साबुत अनाज से बनी हो, क्योंकि कई बार सफेद ब्रेड में सिर्फ कैरेमल रंग मिलाया जाता है.
होल व्हीट ब्रेड: फाइबर और सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर, धीरे पचती है और शुगर को धीरे-धीरे रिलीज करती है.
मल्टीग्रेन ब्रेड: लाभ तभी जब सच में साबुत अनाज से तैयार की गई हो.
अधिक तेल-बटर बढ़ा सकता है सैकड़ों कैलोरी, अक्सर लोग ऑमलेट बनाते समय तेल, बटर या घी की अत्यधिक मात्रा का इस्तेमाल कर लेते हैं, जिससे इसकी कैलोरी बहुत बढ़ जाती हैं. 1 टीस्पून (9–10 ग्राम) तेल या बटर में करीब 90–100 कैलोरी होती है. यदि ऑमलेट में 2–3 चमच तेल या बटर डाल दिया जाए, तो 200–300 अतिरिक्त कैलोरी जुड़ जाती हैं. यदि ब्रेड को भी बटर में सेक दिया जाए, तो कैलोरी और बढ़ जाती है.
दो अंडों में औसतन 140–150 कैलोरी होती हैं. यदि एक ही नाश्ते में कैलोरी 500–600 तक पहुंच जाए, तो दिनभर का कैलोरी बैलेंस बिगड़ सकता है और वजन बढ़ने का खतरा बन जाता है.
अंडा उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, विटामिन बी, कोलीन और आवश्यक अमीनो एसिड से भरपूर होता है, जो वेट लॉस और मसल्स गेन में मदद कर सकता है.
लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है
होल-ग्रेन ब्रेड और कम तेल का प्रयोग इसे और भी हेल्दी बनाता है. यह
इंसुलिन रेजिस्टेंस सुधारता है
भूख कम करता है
दिनभर एनर्जी बनाए रखने में सहायक होता है
प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा
ब्रेड में 2–3 ग्राम प्रोटीन हो सकता है. यदि दो ब्रेड और दो अंडों का ऑमलेट खाया जाए, तो करीब 15–16 ग्राम प्रोटीन आसानी से मिल सकता है. First Updated : Tuesday, 02 December 2025