नई दिल्ली: अक्सर लोग खर्राटों को सिर्फ एक सामान्य परेशानी या आदत मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार यह अनदेखी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. अगर आपके पार्टनर या घर में कोई व्यक्ति रातभर तेज खर्राटे लेता है और इसकी वजह से आपकी नींद तक पूरी नहीं हो पाती, तो इसे हल्के में लेने की भूल बिल्कुल न करें. विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार खर्राटे लेना कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है, जो समय रहते ध्यान न देने पर हार्ट फेल, स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशर जैसे खतरा को बढ़ा देता है.
अक्सर घरों में खर्राटों की चर्चा मजाक का कारण बन जाती है, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट्स बताती हैं कि तेज और लगातार आने वाले खर्राटे आपके शरीर के भीतर चल रही गंभीर गड़बड़ियों का अलार्म हो सकते हैं. यही कारण है कि डॉक्टर इस समस्या की अनदेखी करने के बजाय समय रहते जांच कराने की सलाह देते हैं.
एक्सपर्ट्स हमेशा चेतावनी देते हैं कि लगातार और रुक-रुक कर आने वाले खर्राटे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं करने चाहिए. तेज और आदतन खर्राटे लेना, हांफना या सांस रुक-रुक कर आना ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) की ओर संकेत करता है. इसका इलाज उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर के जोखिम को कम करता है और नींद तथा दिनचर्या दोनों में सुधार लाता है.
डॉक्टर कहते है कि हल्के-फुल्के खर्राटे सामान्य हो सकते हैं, लेकिन अगर ये लगातार और बेहद तेज हों, तो यह ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया का स्पष्ट संकेत माना जाता है. ओएसए एक ऐसी अवस्था है जिसमें नींद के दौरान सांस लेने में व्यवधान आता है, और समय रहते इसे न संभाला जाए तो कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है.
1. दिल पर बढ़ता है दबाव
नींद के दौरान सांस लेने के संघर्ष से हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इससे हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक का जोखिम अन्य लोगों की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है. ऑक्सीजन की कमी स्ट्रोक की संभावना भी बढ़ाती है.
2. नींद पूरी नहीं हो पाती
ओएसए वाले लोग बार-बार खुद ही खर्राटों से जाग जाते हैं. इससे उनकी नींद अधूरी रह जाती है, जिससे थकान, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता की समस्या पैदा हो जाती है. कई मामलों में यह सड़क दुर्घटना तक का कारण बन सकता है.
3. मानसिक स्वास्थ्य पर असर
अधूरी नींद के कारण ध्यान न लगना, मूड स्विंग, याददाश्त कमजोर होना और अवसाद जैसी समस्याएं उभर सकती हैं.
4. हाई ब्लड प्रेशर की आशंका
ऑक्सीजन की कमी के चलते दिल को खून पंप करने में दिक्कत होती है. इससे लंबे समय में हाई बीपी स्थायी समस्या बन सकता है.
अगर खर्राटों के साथ ये लक्षण दिखें, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें
सोते समय सांस रुकने का अहसास होना
दिनभर अत्यधिक उनींदापन
ध्यान केंद्रित करने में परेशानी
सुबह सिरदर्द
उठने पर गले में खराश
पर्याप्त नींद के बाद भी थकान
हाई बीपी
रात में सीने में दर्द
बच्चों के मामले में तेज खर्राटे और स्कूल में परफॉर्मेंस गिरना
Disclaimer:- इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है. किसी भी तरह की हेल्थ रूटीन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें. First Updated : Wednesday, 03 December 2025