आज की तेज रफ्तार और तनाव भरी पेशेवर ज़िंदगी में दफ्तर केवल काम करने की जगह भर नहीं रह गया है. यहां रोजाना घंटों साथ काम करते हुए सहकर्मियों के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव बनना अब आम होता जा रहा है. कई बार यह सहज नज़दीकियां समय के साथ दोस्ती से बढ़कर रोमांटिक रिश्ते का रूप भी ले लेती हैं. दिलचस्प बात यह है कि ऐसा ऑफिस रोमांस अब दुनिया भर में धीरे-धीरे स्वीकार्यता पा रहा है. इस मामले में भारतीय कर्मचारियों ने दुनिया में एक नया रिकॉर्ड बनाया है.
एश्ले मेडिसल द्वारा हाल ही में किए गए एक अंतरराष्ट्रीय सर्वे के अनुसार, ऑफिस रोमांस के मामलों में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है. इस अध्ययन में कुल 11 देशों के लोगों को शामिल किया गया था, जिसमें भारत से लेकर अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल थे.
रिपोर्ट की सबसे बड़ी खोज यह रही कि भारतीय कर्मचारियों में से 10 में से 4 यानी 40 प्रतिशत लोग अपने ऑफिस के किसी सहकर्मी के साथ कभी न कभी रिलेशनशिप में रहे हैं या वर्तमान में हैं. सबसे ऊपर मैक्सिको है, जहां 43 प्रतिशत लोगों ने ऑफिस अफेयर की पुष्टि की है. इसके बाद भारत का नंबर आता है. वहीं अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में यह आंकड़ा करीब 30 प्रतिशत है.
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पुरुषों में सहकर्मी को डेट करने की संभावना महिलाओं की अपेक्षा अधिक है. जहां 51 प्रतिशत पुरुषों ने किसी न किसी सहकर्मी के साथ रिश्ता होने की बात स्वीकार की, वहीं महिलाओं का आंकड़ा 36 प्रतिशत दर्ज किया गया.
महिलाओं में करियर के प्रति सतर्कता ज्यादा पाई गई. लगभग 29 प्रतिशत महिलाओं का कहना था कि वे ऑफिस रोमांस में इसलिए शामिल होने से कतराती हैं क्योंकि इससे उनके प्रोफेशनल ग्रोथ पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. पुरुषों में यह संख्या 27 प्रतिशत पाई गई. खास बात यह है कि 18 से 24 वर्ष के युवा कर्मचारी ऑफिस अफेयर्स को लेकर सबसे ज्यादा सावधान दिखाई दिए. उन्हें डर है कि ऐसा रिश्ता उनके शुरुआती करियर पर भारी पड़ सकता है.
भारत का ऑफिस रोमांस में दूसरे नंबर पर आना केवल बदलते रिश्तों का संकेत नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सोच में आए बदलाव को भी दर्शाता है. पारंपरिक रिश्तों के साथ-साथ ओपन रिलेशनशिप जैसी अवधारणाओं को लेकर भी भारत में लोगों की सोच बदली है. डेटिंग ऐप Gleeden के सर्वे के अनुसार, देश में 35 प्रतिशत लोग ओपन रिलेशनशिप में हैं, जबकि 41 प्रतिशत लोग ऐसी व्यवस्था को अपनाने पर विचार कर सकते हैं.
चौंकाने वाली बात यह है कि यह बदलाव सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं है. छोटे शहर भी इसमें तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. उदाहरण के तौर पर, कांचीपुरम उन शहरों में शामिल है जहां एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स में दिलचस्पी सबसे अधिक दर्ज की गई है. First Updated : Friday, 14 November 2025